आधुनिक सुविधाओं से सुदृढ़ हो रहा ऊना का स्वास्थ्य ढांचा


ऊना, 6 मार्च. स्वस्थ समाज किसी भी प्रगतिशील राज्य की सबसे बड़ी पहचान होता है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल सरकार इसी सोच के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। चिकित्सा ढांचे के विस्तार, अत्याधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में कई नवोन्मेषी पहलें की गई हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव जिला ऊना में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जहां क्षेत्रीय अस्पताल से लेकर उप-स्वास्थ्य केंद्रों तक व्यापक स्वास्थ्य नेटवर्क के माध्यम से लोगों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।

ऊना के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा बताते हैं कि जिले में वर्तमान में एक क्षेत्रीय अस्पताल, पांच नागरिक अस्पताल, दस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तीन कर्मचारी राज्य बीमा औषद्यालय, 24 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 138 उप-स्वास्थ्य केंद्र लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राथमिकता
डॉ. वर्मा का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ.(कर्नल) धनीराम शांडिल के प्रयासों से चिकित्सा के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि प्रत्येक नागरिक को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
वे बताते हैं कि ऊना जिले में क्षेत्रीय अस्पताल के अलावा अम्ब, चिंतपूर्णी, हरोली, गगरेट और बंगाणा में पांच नागरिक अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त दुलैहड़, कुगड़त, भदसाली, बीटन, धुसाड़ा, बसदेहड़ा, संतोषगढ़, दौलतपुर चौक, थानाकलां और पंजावर में दस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कार्यरत हैं। इसके साथ ही जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 24 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 138 उप-स्वास्थ्य केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवा रहे हैं। इसके अलावा टाहलीवाल, गगरेट और मेहतपुर में 3 कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में पीजीआई सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य भी तेजी से प्रगति पर है। वर्तमान में क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में पीजीआई सैटेलाइट सेंटर के माध्यम से पीजीआई चंडीगढ़ के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा ओपीडी सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श स्थानीय स्तर पर ही मिल रहा है और उन्हें उपचार के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम पड़ रही है।


स्वच्छता और गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता और गुणवत्ता सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत कायाकल्प योजना के माध्यम से अस्पतालों में साफ-सफाई, हाइजीन तथा संक्रमण नियंत्रण को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिससे मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित हो सकें।

स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर फोकस : उपायुक्त
उपायुक्त जतिन लाल का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार ऊना जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। जिले में स्वास्थ्य संस्थानों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने तथा दूरदराज क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं।
इसके साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, गुणवत्ता सुधार तथा राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सेवाएं सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप जिले का स्वास्थ्य ढांचा लगातार मजबूत हो रहा है। हमारा प्रयास है कि लोगों को घरद्वार के समीप बेहतर व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों।

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प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के आईईसी अभियान को लेकर कार्यशाला आयोजित

ऊना, 6 मार्च। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला ऊना में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के सिटी लेवल टेक्निकल सेल द्वारा किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न शहरी निकायों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।

कार्यशाला की अध्यक्षता नगर निगम ऊना के संयुक्त आयुक्त मनोज ठाकुर ने की। उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के विभिन्न प्रावधानों, उद्देश्यों एवं लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक पहुंचाने के लिए निकाय एवं वार्ड स्तर पर व्यापक आईईसी अभियान चलाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे।

इस अवसर पर सामाजिक विकास विशेषज्ञ मनोज कुमार ने बताया कि पात्र लाभार्थी पीएमएवाई -यू 2.0 के यूनिफाइड वेब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, नजदीकी लोकमित्र केंद्र तथा संबंधित स्थानीय शहरी निकायों के माध्यम से भी आवेदन करने की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए निकाय एवं वार्ड स्तर पर लगातार जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि इसके अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों, महिला मंडलों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा घर-घर संपर्क अभियान के माध्यम से आईईसी सामग्री जैसे पम्पलेट, बैनर और होर्डिंग के जरिए लोगों को योजना के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थी इस योजना का लाभ उठा सकें।कार्यशाला में जिला ऊना के विभिन्न शहरी निकायों से बलजीत सिंह, आकाशदीप धीमान, राधा, मंजुल शर्मा, लोकेश कुमार, हरजिंदर सिंह, राधा रानी, सुनीता, आकाश भाटिया, अनीता कुमारी एवं ऋचि सहित अन्य कर्मचारियों सहित नगर निगम ऊना से अमनजीत, अंकिता, बबली, सुशील गुप्ता, अभिषेक तथा मनोज कौशिक भी उपस्थित रहे।

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आईटीआई ऊना में अप्रेंटिसशिप मेला 9 मार्च को

ऊना, 06 मार्च-औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई)ऊना में युवाओं को रोजगार एवं कौशल विकास के सुनहरे अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से 09 मार्च को अप्रेंटिसशिप मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं को प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों में अप्रेंटिसशिप प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

आईटीआई ऊना के प्रधानाचार्य अंशुल भारद्वाज ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अप्रेंटिसशिप मेले में विभिन्न नामी कंपनियां भाग लेंगी, जिनमें सुखजीत एग्रो इंडस्ट्रीज, प्रीतिका ऑटो इंडस्ट्रीज, जीएनए एक्सल्स लिमिटेड, रालसन इंडिया, कौशल रोलर फ्लोर मिल और इंटरनेशनल कार्ड एंड मोटर्स लिमिटेड शामिल हैं। इन कंपनियों द्वारा कैंपस इंटरव्यू के माध्यम से योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस रोजगार मेले में फिटर, टर्नर, वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, मशीनिस्ट, टूल एंड डाई मेकर, मैकेनिक ट्रेक्टर, डीजल मैकेनिक, मैकेनिक मोटर व्हीकल, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक्स, कोपा, कारपेंटर, ऑटो इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर ट्रेडों से कोर्स पूर्ण कर चुके सभी पुरुष व महिला अभ्यर्थी भाग ले सकेंगे। चयनित अभ्यर्थियों को अप्रेंटिसशिप एक्ट के प्रावधानों के अनुसार वृतिका देय होगी।

अंशुल भारद्वाज ने सभी पात्र अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्रों सहित निर्धारित तिथि को उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाएं।