हमीरपुर 24 सितंबर। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने बड़सर उपमंडल की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रैली-जजरी में एक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (नालसा) की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आम लोगों को न्याय सुलभ बनाने के लिए नालसा ने कई योजनाएं आरंभ की हैं। इन योजनाओं में मुफ्त कानूनी सहायता योजना सबसे महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने बताया कि एससी-एसटी वर्ग के लोग, महिलाएं, बच्चे, दिव्यांग, आपदा पीड़ित, अत्याचार पीड़ित, श्रमिक, किन्नर, कैदी और सालाना 3 लाख रुपये से कम आय वाले सभी वर्गों के लोग मुफ्त कानूनी सहायता योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया बहुत ही सरल है। किसी भी न्यायालय परिसर में स्थापित फ्रंट आफिस में जाकर पात्र लोग मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। मानव तस्करी के शिकार लोगों, झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों, नशे के जाल में फंसे लोगों, किसी भी तरह के अत्याचार और तेजाब हमलों की शिकार महिलाओं की मदद के लिए भी नालसा ने योजनाएं आरंभ की हैं। कुलदीप शर्मा ने बताया कि इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए नालसा के हेल्पलाइन नंबर 15100 पर भी संपर्क किया जा सकता है। कुलदीप शर्मा ने बताया कि जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के दूरभाष नंबर 01972-224399 या ईमेल पर भी संपर्क किया जा सकता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को नालसा की अन्य योजनाओं, नशे की समस्या और एनडीपीएस एक्ट, मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों, रैगिंग रोधी कानून, साइबर अपराधों के प्रति सावधानी, मोटर वाहन अधिनियम और कई अन्य महत्वपूर्ण अधिनियमों की विस्तृत जानकारी भी दी।

उन्होंने बताया कि अदालतों में लंबित मामलों का निपटारा मध्यस्थता, सुलह एवं आपसी सहमति से भी किया जा सकता है। इससे दोनों पक्षों के समय और धन की बचत होती है तथा उनमें सौहार्दपूर्ण संबंध भी बने रहते हैं। इसी के मद्देनजर नालसा ने ‘मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 3.0’ अभियान शुरू किया है।

यह अभियान जिला हमीरपुर की सभी अदालतों में भी शुरू किया गया है। अगर कोई पक्ष इस अभियान के तहत अपने केस का निपटारा करवाना चाहता है तो वह संबंधित अदालत में आवेदन कर सकता है। मध्यस्थता के लिए कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा समय-समय पर लगाई जाने वाली राष्ट्रीय लोक अदालतों में भी केसों का त्वरित निपटारा करवाया जा सकता है।