चंडीगढ़,16.02.26- भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय, सेक्टर 33 कमलम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 के अंतर्गत उत्तर क्षेत्रीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का अत्यंत भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यशाला में उत्तर क्षेत्र के आठ प्रदेशों — चंडीगढ़, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान तथा लद्दाख — के प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री, मंत्री, सांसद एवं विधायकगण की प्रभावशाली उपस्थिति रही। यह आयोजन संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रभावना और संगठनात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा।
राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी. एल. संतोष ने संगठन की शक्ति, अनुशासन और वैचारिक प्रतिबद्धता को पार्टी की आत्मा बताते हुए कहा कि प्रशिक्षक केवल मार्गदर्शक नहीं, बल्कि संगठन की विचारधारा के संवाहक होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंडल स्तर तक सशक्त, प्रशिक्षित और समर्पित कार्यकर्ता तैयार करना ही इस महाभियान का मूल उद्देश्य है।
राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्र निर्माण में भूमिका को विस्तार से रखते हुए कहा कि पार्टी ने सेवा, सुशासन और अंत्योदय के सिद्धांतों पर चलते हुए देश को नई दिशा दी है। इलेक्शन मैनेजमेंट विषय पर उन्होंने बूथ सशक्तिकरण, सूक्ष्म प्रबंधन, डेटा-आधारित रणनीति और समन्वित टीमवर्क को विजय का मूल मंत्र बताया।
ओ. पी. धनखड़ ने केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ता ही सरकार और जनता के बीच सशक्त सेतु है। उन्होंने विकसित भारत एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।
बी. डी. शर्मा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के सिद्धांत को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिक बताते हुए कहा कि यही विचारधारा समग्र एवं संतुलित विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। “आवर रोल इन कोऑर्डिनेशन” विषय पर उन्होंने संगठन और सरकार के मध्य प्रभावी समन्वय को सफलता का आधार बताया।
अजय महावर ने मीडिया मैनेजमेंट पर प्रभावी प्रशिक्षण देते हुए कहा कि समयबद्ध, तथ्यपूर्ण और सकारात्मक संवाद ही संगठन की छवि को सुदृढ़ करता है। उन्होंने मीडिया के विभिन्न माध्यमों के समन्वित उपयोग और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को अत्यंत आवश्यक बताया।
शिव शक्ति बख्शी ने कार्यकर्ता निर्माण को संगठन की आधारशिला बताते हुए कहा कि विचारधारा से ओतप्रोत, अनुशासित और समर्पित कार्यकर्ता ही संगठन को निरंतर विस्तार देते हैं। उन्होंने प्रशिक्षण को सतत प्रक्रिया बताते हुए हर स्तर पर वैचारिक स्पष्टता की आवश्यकता पर बल दिया।
राजकुमार शर्मा ने पार्टी की कार्य पद्धति और विचार परिवार की भूमिका पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा की कार्यशैली सामूहिक नेतृत्व, पारदर्शिता और संगठनात्मक अनुशासन पर आधारित है। विचार परिवार के समन्वित प्रयासों से राष्ट्र जीवन के विविध क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन संभव हुआ है।
राजकुमार फुलवरिया ने राज्य सरकारों की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए सुशासन, विकास और जनहितकारी निर्णयों की विस्तृत जानकारी दी। “चैलेंजेज एंड नैरेटिव फॉर द कंट्री” विषय पर उन्होंने राष्ट्रहित में सकारात्मक विमर्श को सशक्त करने, भ्रामक प्रचार का तथ्यपूर्ण उत्तर देने और भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए वैचारिक स्पष्टता बनाए रखने का आह्वान किया।
अभिनव प्रकाश ने सोशल मीडिया और एआई की बदलती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डिजिटल युग में वैचारिक संघर्ष का सबसे प्रभावी मंच सोशल मीडिया है। उन्होंने सकारात्मक नैरेटिव निर्माण, तथ्य आधारित संवाद और आधुनिक तकनीक के कुशल उपयोग पर विशेष बल दिया। ऑफिस मैनेजमेंट एवं कॉल सेंटर संचालन को संगठन की कार्यकुशलता का आधार बताते हुए उन्होंने सुव्यवस्थित तंत्र विकसित करने का आह्वान किया।
समापन सत्र में यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगठनात्मक पुनर्संरचना और वैचारिक सुदृढ़ीकरण का व्यापक अभियान है। यह महाभियान मंडल स्तर तक प्रशिक्षित, सक्षम और प्रतिबद्ध नेतृत्व तैयार कर भाजपा को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में निर्णायक कदम सिद्ध होगा।