HISAR.09.12.22-भिवानी के मेला ग्राउंड में आयोजित जजपा के पांचवें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित रैली में हरी चुनरियां और पार्टी के चुनाव निशान चाबी की धूम थी । सरसों की फसल से पहले ही भिवानी के मेला ग्राउंड में पूरे पंडाल में ये चुनरियां लहराती रहीं ! युवा वर्ग ने चाबी निशा वाली जैकेट्स पहन रखी थीं ।
##भविष्य के नेता दुष्यंत चौटाला
इस बार उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को मुख्यमंत्री न कह कर 'भविष्य के नेता' कह कर संबोधित किया गया ताकि किसी तरह का गठबंधन के विरूद्ध संदेश न जाये !
##हरी चुनरियों के बीच नैना चौटाला की एंट्री : जजपा की विधायक नैना चौटाला की एंट्री भी जोरदार रही जब वे हरी चुनरी लहरातीं महिलाओं के साथ पंडाल में आईं । सभी तरफ तालियां गूंज उठीं । उल्लेखनीय है कि हरी चूनर चौपाल मिशन नैना चौटाला ने ही चला कर महिलाओं को जजपा से जोड़ने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है । शीला भ्याण और फूल तो भी उनके साथ पहुंचीं ।
##आठ विधायक रैली में हाजिर : नारनौंद के विधेयक रामकुमार गौतम व नरवाना के विधायक रामनिवास सुरजेखेड़ा को छोड़कर बाकी आठ विधायक इस रैली में हाजिर रहे और एकजुटता का परिचय दिया ।
##दिग्विजय का शानदार संचालन : हर बार की तरह दिग्विजय सिंह चौटाला ने जन सम्मान रैली का कुशलतापूर्वक संचालन किया और सबको बहुत सम्मान और आदर से मंच पर संबोधन के लिए आमंत्रित करते रहे ।
##तीन महत्वपूर्ण फोटोज : संविधान निर्मात्ता डाॅ बी आर अम्बेडकर , चौ देवीलाल और शहीद भगत सिंह के फोटोज ही मंच पर लगाये गये थे ।

एक नया सूरज उगाने की जिद्द

भिवानी की जन सम्मान रैली
नये झंडे व नये डंडे का फैसला साहसिक : दुष्यंत चौटाला
-कमलेश भारतीय
नये झंडे और डंडे के साथ नयी पार्टी बनाने का फैसला डाॅ अजय चौटाला ने एक साहसिक किया था । इतने छोटे समय में भी हमने दस विधायक जीत कर इतिहास रच दिया ।
यह बात कही हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने भिवानी की जन सम्मान की रैली में । दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हमने किसान आंदोलन का भी सामना किया । और यह भी कहा कि वृद्धावस्था पेंशन 5100 रुपये लागू करवाने की कोशिश हरहाल रहेगी । डेली वेजिज कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन सोलह हजार रुपये किये जाने की कोशिश होगी । दुष्यंत चौटाला ने अनेक उपलब्धियां गिनाईं । खेलों में भिवानी के योगदान की तारीफ की । दंगल गर्ल की चर्चा की । खिलाड़ियों की रिकवरी के लिए मेडिकल इंश्योरेंस पर विचार किया जा रहा है ।
कोरोना और किसान आंदोलन का सामना किया : अजय चौटाला
डाॅ अजय चौटाला ने अपने भाई अभय चौटाला के किसान आंदोलन में इस्तीफा देने पर व्यंग्य किया कि आज वह पार्टी एकमात्र विधायक सिमट गयी । हमें बेदखल किया गया , कहते कहते अजय चौटाला भावुक हो गये और उनकी आवाज भर्रा गयी । इसके बावजूद आपके प्यार और सहयोग से पार्टी सत्ता मे पहुंचा दिया । यह जजपा पार्टी चौ देवीलाल के सपनों पर चलने वाली पार्टी है और अपने वादे पूरे करेगी ।
नैना चौटाला ने साफ साफ शब्दों में कहा कि आज की यह जन सम्मान रैली सन् 2024 के विधानसभा चुनाव की तैयारी है । इस अवसर पर नैना चौटाला ने एक कविता सुनाई जिसकी ये पंक्तियां खूब संकेत दे गयीं :
ये पार्टी नहीं चलती
अरबपति साहूकारों से
यह पार्टी चलती है
जननायक के नाम से !
नैना चौटाला ने एक मां की तरह अपील की कि अगले विधानसभा चुनाव में दुष्यंत चौटाला को मुख्यमंत्री बनाने का काम करें । नैना चौटाला की कोशिश से ही पंडित में महिलाओं की भागीदारी जबरदस्त रही ।
##राज्यसभा का कर्ज उतारने आये कार्तिकेय : हरियाणा के निर्दलीय राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा ने रैली को संबोधित करते कहा कि वे राज्यसभा चुनाव में जजपा की ओर से की गयी मदद का कर्ज उतारने आये हैं । उन्होंने चौ देवीलाल के न्याय युद्ध की भूरि भूरि सराहना की और दुष्यंत चौटाला की जनसेवा का उल्लेख किया । कार्तिकेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की कार्यशैली की भी जमकर तारीफ की । कार्तिकेय ने परशुराम जयंती पर आने का न्यौता भी दिया ।
निशान सिंह ने कहा : जजपा के प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह काम्बोज ने कहा कि आज की भीड़ दखकर आपने पाण्डु पिडारा की पहली स्थापना दिवस की रैली की याद दिला दी ।
##रैली में शामिल रहे : जन सम्मान रैली में प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह काम्बोज , राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डाॅ के सी बांगड़, भागीराम, अनूप धानक , रमेश खटक , प्रवेश बिश्नोई, बृज शर्मा , सुलोचना , अशोक वर्मा , फूलवती , ईश्वर सिंह , देवेंद्र बबली , जोगीराम सिहाग , मोहसिन चौधरी , शीला भ्याण, मुकेश सेठी , अनंत राम , राजेंद्र लितानी आदि मंच पर मौजूद रहे ।
##पिता पुत्र अलग अलग आये रैली में : पिता डाॅ अजय चौटाला और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला जन सम्मान रैली में अलग अलग पहुंचे । जहां दुष्यंत चौटाला दिल्ली से हेलीकॉप्टर में पहुंचे लगभग दो बजकर दस मिनट , वहीं डाॅ अजय चौटाला दस मिनट बाद दो बजकर बीस मिनट पर पहुंचे सिरसा से ।