चण्डीगढ़, 10.10.26 : भगवान परशुराम भवन, सैक्टर 37 में चल रही पांच दिवसीय प्रभु श्री राम कथा के पांचवें और अंतिम दिवस कथा व्यास आचार्य पंडित ईश्वर चंद्र शास्त्री जी ने कथा समापन से पहले गोस्वामी तुलसी दास रचित श्री राम चरित मानस में वर्णित अनेक प्रसंग सुना कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने बताया कि भगवान श्री राम वनवास की अवधि में ऋषि मुनियों से पूछते हैं कि वे कहां रहें तो ऋषियों ने चौदह स्थान बताए। उनमें से एक तो यह बताया कि जिनके मन में आपके प्रति अटूट विश्वास और श्रद्धा है आप उनके मन में रहिए। आचार्य जी ने कहा कि जो भक्ति श्रद्धा और विश्वास से की जाती है वही फलीभूत होती है।
श्री ब्राह्मण सभा, चण्डीगढ़ के अध्यक्ष और अखिल भारत ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय महासचिव यशपाल तिवारी ने हार्दिक अभिनंदन और आभार व्यक्त करते हुए बताया कि प्रभु श्री राम कथा के आयोजन में श्री देवालय पूजक परिषद चंडीगढ़ के अध्यक्ष पंडित डॉक्टर लाल बहादुर दुबे, महासचिव पंडित ओम प्रकाश शास्त्री और मुख्य कोषाध्यक्ष पंडित देवी प्रसाद पैन्यूली ने अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्री ब्राह्मण सभा, चण्डीगढ़ की पूर्ण कार्यकारिणी और महिला संकीर्तन मंडली ने उत्साहपूर्वक सहयोग किया।
कथा में श्री हिंदू पर्व महासभा चंडीगढ़ के अध्यक्ष भजन प्रकाश अरोड़ा भी विशेष रूप से उपस्थित हुए।