ऊना, 9 सितंबर। हरोली विधानसभा क्षेत्र के पंजावर में सहकारिता के गौरवशाली इतिहास को नई पहचान देने की दिशा में मियां हीरा सिंह स्टेट कोऑपरेटिव ट्रेनिंग सेंटर एवं सामुदायिक केंद्र का निर्माण कार्य तेज गति से जारी है। करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस भवन का लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है तथा आगामी छह माह में इसके पूर्ण होने की संभावना है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह केंद्र सहकारिता से जुड़े प्रशिक्षण, गतिविधियों और सामुदायिक आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा उपलब्ध करवाएगा।
पंजावर का सहकारिता के इतिहास में विशेष स्थान है। वर्ष 1892 में इसी गांव के मियां हीरा सिंह ने किसानों को संगठित कर सामूहिक प्रयास की ऐसी शुरुआत की, जिसने आगे चलकर सहकारिता आंदोलन को मजबूत आधार प्रदान किया। उस समय सहकारी संस्थाओं के लिए कानून उपलब्ध नहीं था, जिसके चलते इस पहल को औपचारिक पंजीकरण नहीं मिल सका। इसके बावजूद मियां हीरा सिंह की पहल ने किसानों को मिल-जुलकर अपनी समस्याओं के समाधान की राह दिखाई। करीब 134 वर्ष बाद उनके योगदान को स्मरण करते हुए इसी ऐतिहासिक गांव में उनके नाम पर स्टेट कोऑपरेटिव ट्रेनिंग सेंटर एवं सामुदायिक केंद्र का निर्माण किया जा रहा है।
यह भवन केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि पंजावर और हरोली की गौरवशाली सहकारिता विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी बनेगा। जिस स्थान से सहकारिता की ऐतिहासिक पहल को मजबूती मिली, वहीं आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र का आकार लेना क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। भवन के पूर्ण होने के बाद यहां सहकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रशिक्षण और अन्य गतिविधियों को बेहतर स्थान मिल सकेगा।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली के विकास के साथ-साथ क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना भी प्राथमिकता है। पंजावर का सहकारिता इतिहास पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है और मियां हीरा सिंह के योगदान को सम्मान देते हुए उनके नाम पर यह केंद्र तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भवन का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले छह माह में इसके पूरा होने से पंजावर को सहकारिता प्रशिक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में नई पहचान मिलेगी।