जिला दंडाधिकारी मुकेश रेपसवाल ने भूस्खलन रोकथाम कार्यों के चलते जारी किए आदेश

मैहला घार के समीप वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से होगी नियंत्रित

प्रातः 6 से सायं 6 बजे तक आवश्यकता अनुसार प्रति घंटे 25-30 मिनट तक नियंत्रित रहेगी ट्रैफिक

आपातकालीन सेवाओं से संबंधित वाहनों को बिना विलंब आवागमन की रहेगी अनुमति

31 मार्च तक प्रभावी रहेंगे आदेश

चंबा, मार्च 6-जिला दंडाधिकारी मुकेश रेपसवाल ने राष्ट्रीय उच्च मार्ग-154ए चक्की-चंबा-भरमौर मार्ग के अंतर्गत मैहला घार में जारी भूस्खलन रोकथाम (लैंडस्लाइड मिटिगेशन) कार्यों के दृष्टिगत जनहित एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 31 मार्च तक वाहनों की आवाजाही को अस्थायी रूप से नियंत्रित करने के आदेश जारी किए हैं।
जिला दंडाधिकारी द्वारा मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 31 मार्च 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से सायं 6 बजे तक कार्य के दौरान आवश्यकता अनुसार प्रति घंटे 25 से 30 मिनट तक वाहनों की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोककर (होल्ड कर) यातायात नियंत्रित करने के आदेश जारी किए गए हैं।
जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्रभाग चंबा द्वारा सूचित किए जाने तथा लैंडस्लाइड मिटिगेशन से संबंधित जारी कार्यों के दौरान जन-सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह आदेश जारी किए गए हैं।
हालांकि आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आपातकालीन सेवाओं से संबंधित एंबुलेंस, अग्निशमन तथा पुलिस वाहनों के परिचालन के दौरान उन्हें बिना किसी विलंब के आवागमन की अनुमति रहेगी।

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विशेष राजस्व लोक अदालत से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने की अध्यक्षता
विशेष अभियान के तहत 1028 राजस्व मामलों का किया गया समाधान : उपायुक्त
चंबा, 7 मार्च-उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में आज विशेष राजस्व लोक अदालत से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रहे विशेष अभियान के तहत राजस्व मामलों के निस्तारण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि विशेष राजस्व लोक अदालत के अंतर्गत जिले में अब तक कुल 1028 राजस्व मामलों का निपटारा किया जा चुका है। इनमें 263 तकसीम, 419 सीमांकन तथा 346 राजस्व अभिलेख दुरुस्ती से संबंधित मामले शामिल हैं।
उपायुक्त ने गत सप्ताह के निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए उपमंडल दंडाधिकारियों, तहसीलदारों तथा नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों के त्वरित समाधान के लिए प्रति सप्ताह निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप मामलों का निपटारा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि तीन माह की विशेष अभियान अवधि के दौरान पुराने एवं लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि छह माह तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी मामलों का समाधान 31 मार्च तक करना सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि खंड विकास अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर विभिन्न तहसीलों और उप-तहसीलों में पटवार एवं कानूनगो भवनों के मुरम्मत कार्यों से संबंधित औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण करें, ताकि आवश्यक मरम्मत कार्य समय पर शुरू किए जा सकें। बैठक में ई-गवर्नेंस और ई-डिस्ट्रिक सेवाओं को लेकर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
बैठक में उपमंडल अधिकारी प्रियांशु खाती, सहायक आयुक्त राहुल धीमान, जिला राजस्व अधिकारी विक्रमजीत सिंह सहित विभिन्न उपमंडलों के एसडीएम, तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।