शहीद दिवस: बचत भवन में श्रद्धांजलि सभा, उपायुक्त कार्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों ने मौन रख शहीदों और राष्ट्रपिता को दी श्रद्धांजलि
बिलासपुर, 30 जनवरी:शहीद दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, सहायक आयुक्त राजकुमार सहित उपायुक्त कार्यालय के सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन धारण कर देश की स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
इस अवसर पर उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि 30 जनवरी को देशभर में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है और यह दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि शहीद दिवस हमें उन अमर वीरों के सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की आज़ादी, एकता और अखंडता के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।
उपायुक्त ने कहा कि यह दिवस हमें सत्य, अहिंसा, राष्ट्रसेवा और कर्तव्यनिष्ठा जैसे मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि शहीदों और बापू के आदर्श केवल इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत हैं।
उन्होंने उपायुक्त कार्यालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे शहीदों के सपनों के अनुरूप एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के लिए पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
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अग्निवीर भर्ती रैली 9 से 17 मार्च तक हमीरपुर में होगी आयोजित
बिलासपुर 30 जनवरी: भारतीय सेना द्वारा अग्निपथ योजना के अंतर्गत सेना भर्ती रैली का आयोजन 09 से 17 मार्च 2026 तक अणु खेल मैदान एवं राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर, हमीरपुर में किया जा रहा है। यह जानकारी देते हुए निदेशक आर्मी भर्ती कार्यालय हमीरपुर कर्नल श्रीधर राजन ने बताया कि यह भर्ती रैली जिला हमीरपुर, बिलासपुर एवं ऊना के अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड भारतीय सेना की वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर अपलोड कर दिए गए हैं तथा अभ्यर्थियों को ई-मेल के माध्यम से भी सूचित किया गया है। उन्होंने बताया कि अभ्यार्थी अपने एडमिट कार्ड का उच्च गुणवत्ता वाला रंगीन प्रिंट आउट अवश्य साथ लाएं ताकि बारकोड स्कैनिंग के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों को रैली के दौरान सभी आवश्यक मूल प्रमाण पत्रों एवं उनकी दो-दो स्वप्रमाणित प्रतियां जैसे आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण पत्र की तीन प्रतियां, हिमाचली बोनाफाइड प्रमाण पत्र, डोगरा वर्ग तथा जाति प्रमाण पत्र, स्कूल चरित्र प्रमाण पत्र, अविवाहित प्रमाण पत्र, एनसीसी/खेल/ रिश्तेदारी का मूलरुप प्रमाण पत्र (यदि हो), पुलिस सत्यापन प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण, पैन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र एवं पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्य रूप से साथ लाने होंगे।
इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि बोनस अंकों से संबंधित सभी प्रमाण पत्र केवल निर्धारित तिथि को ही स्वीकार किए जाएंगे। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि वह समय पर उपस्थित होकर भर्ती प्रक्रिया में भाग लें
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बिलासपुर में आवारा पशुओं के संरक्षण, जनसुरक्षा और गोसदन व्यवस्था को लेकर अहम बैठक आयोजित,
लम्पी स्किन डिजीज की आशंका को लेकर अलर्ट, जिले में शत-प्रतिशत टीकाकरण के निर्देश
बिलासपुर,जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में पशुपालन विभाग द्वारा सड़कों पर विचरण कर रहे आवारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध करवाने तथा उनके संरक्षण और पुनर्वास के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर ओम कांत ठाकुर ने की। बैठक में आवारा पशुओं की देखभाल, उनके पुनर्वास, यातायात व्यवस्था तथा जनसुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई
बैठक में जिला बिलासपुर के अंतर्गत फोरलेन सहित अन्य प्रमुख सड़कों पर विचरण कर रहे आवारा पशुओं को सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार सुरक्षित रूप से हटाकर गोसदनों में स्थानांतरित करने की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने प्रशासन एवं पशुपालन विभाग के आपसी समन्वय से यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि आवारा पशुओं को समयबद्ध ढंग से गोसदनों तक पहुंचाया जाए, ताकि यातायात व्यवस्था बाधित न हो और जनसुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सड़कों से उठाए गए सभी आवारा पशुओं का माहवार एवं स्रोतवार समुचित रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा, जिससे पशुओं की संख्या, उनके स्थानांतरण तथा देखरेख की प्रभावी निगरानी की जा सके। अतिरिक्त उपायुक्त ने रिकॉर्ड प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए। पशुओं की मृत्यु की स्थिति में कारणों की तत्काल रिपोर्टिंग तथा आवश्यकता अनुसार पोस्टमार्टम सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और जवाबदेही तय की जा सके।
बैठक में संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, जिससे गोसदनों में पशुओं के स्वास्थ्य, चारे एवं स्वच्छता की स्थिति की निरंतर निगरानी हो सके। इसके अतिरिक्त ई-गोपाल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजना को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए, ताकि पशुपालकों को डिजिटल सुविधाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। साथ ही गोसदनों में रखे गए सभी पशुओं की शत-प्रतिशत टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे पशुओं की पहचान, ट्रैकिंग एवं रिकॉर्ड प्रबंधन में सुविधा हो।
बैठक में गौसदन संचालन से जुड़े सभी सदस्यों को अवगत करवाया गया कि केंद्र सरकार द्वारा जारी फोरकास्ट के अनुसार आगामी अवधि में जिला बिलासपुर में पशुओं में लम्पी स्किन डिजीज फैलने की संभावना जताई गई है। इसको लेकर विशेष रूप से चर्चा करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को जिले में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त पशुपालन विभाग द्वारा जिले के सभी पशुपालकों से भी अपील की गई कि वे अपने सभी पशुओं का समय रहते टीकाकरण अवश्य करवाएं, क्योंकि इस बीमारी से बचाव के लिए वैक्सीन उपलब्ध है।
बैठक में जानकारी दी गई कि जिला बिलासपुर में वर्तमान में 14 गौसदन पूर्ण रूप से कार्यशील हैं, जिनमें कुल 1561 गोवंश रह रहे हैं। इनमें से 1325 गोवंश को सरकार की ओर से निर्धारित असिस्टेंस प्रदान की जा रही है। बैठक के दौरान गौशालाओं के संचालकों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं से प्रशासन को अवगत करवाया गया, जिनमें प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही असिस्टेंस को समय पर उपलब्ध करवाने की मांग प्रमुख रही। अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी गौसदनों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
बैठक में उपनिदेशक विनोद कुंडी, सहायक उपनिदेशक कल शर्मा सहित जिला बिलासपुर के सभी 14 गौसदनों के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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69वीं राष्ट्रीय छात्रा अंडर-19 हैंडबॉल प्रतियोगिता के लिए घुमारवीं तैयार
तकनीकी शिक्षा मंत्री एक फरवरी को करेंगे शुभारंभ, शिक्षा मंत्री 5 फरवरी को करेंगे समापन
देश भर के 30 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की टीमें ले रही हैं भाग, सभी व्यवस्थाएं पूर्ण
घुमारवीं (बिलासपुर), 30 जनवरी: 69वीं राष्ट्रीय अंडर-19 छात्रा हैंडबॉल प्रतियोगिता के लिए बिलासपुर का घुमारवीं पूरी तरह से तैयार हो गया है। इस प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस प्रतियोगिता में देश के 30 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की टीमें हिस्सा लेने घुमारवीं पहुंचना शुरू हो गई है तथा गुजरात राज्य की टीम घुमारवीं पहुंच चुकी है।
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के सफल आयोजन को लेकर पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए संयुक्त निदेशक शिक्षा जे.सी. नेगी ने बताया कि इस प्रतियोगिता का शुभारंभ एक फरवरी को नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी प्रातः 11 बजे राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घुमारवीं के प्रांगण में जबकि समापन 5 फरवरी को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर करेंगे।
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर की यह तीसरी प्रतियोगिता का आयोजन घुमारवीं में किया जा रहा है। इससे पहले जिला सिरमौर के पांवटा साहिब में अंडर-14 वाॅलीबाॅल जबकि सोलन के नालागढ़ में अंडर-19 छात्रा कबड्डी की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि हैंडबाॅल की इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घुमारवीं में आयोजन समिति ने खेल मैदान सहित अन्य सभी तैयारियों को पूर्ण कर लिया गया है। देश भर के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आने वाली टीमों के स्वागत के लिए रेलवे स्टेशन कीरतपुर साहिब तथा आनंदपुर साहिब में हेल्प डेस्क स्थापित किये हैं। टीमों को घुमारवीं तक लाने के लिए परिवहन की विशेष व्यवस्था की गई है।
जे.सी. नेगी ने बताया कि छात्रा खिलाड़ियों एवं अन्य आॅफिशियल के लिए घुमारवीं एवं आसपास के क्षेत्रों में ठहराव के साथ-साथ भोजन की भी बेहतरीन व्यवस्था सुनिश्चित की है। इसके अतिरिक्त स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किये हैं। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा ताकि दूसरे राज्यों से आने वाली खिलाड़ियों को प्रदेश की समृद्ध संस्कृति से भी रू-ब-रू करवाया जा सके।
उन्होंने इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए क्षेत्रवासियों से भी सहयोग की अपील की है ताकि घुमारवीं का नाम राष्ट्रीय स्तर पर एक अच्छी पहचान स्थापित कर सके।