जिला स्तरीय समिति ने की अल्ट्रासाउंड केंद्रों की समीक्षा
पंजीकरण के नवीनीकरण के मामलों को दी मंजूरी, नए आवेदनों पर भी की चर्चा
हमीरपुर 30 जनवरी। गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के लिंग परीक्षण और कन्या भू्रण हत्या जैसे जघन्य अपराध को रोकने के लिए बनाए गए पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट-1994 के तहत गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में समिति के सरकारी और गैर सरकारी सदस्यों ने भाग लिया। बैठक की कार्यवाही शुरू करने से पहले सभी सदस्यों ने कुछ माह पहले समिति के एक गैर सरकारी सदस्य मदन लाल कौंडल के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि भ्रूण के लिंग परीक्षण और कन्या भू्रण हत्या के मामलों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है और विभाग की इसी सतर्कता के कारण जिला हमीरपुर में हाल ही के वर्षों में कन्या भ्रूण हत्या या भ्रूण के लिंग परीक्षण का कोई भी संदिग्ध मामला सामने नहीं आया है। इससे जिले के शिशु लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।
बैठक में जिला की तीन अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों के लाइसेंसों के नवीनीकरण को मंजूरी प्रदान की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि पांच साल की अवधि के बाद इन मशीनों एवं क्लीनिकों के पंजीकरण का नवीनीकरण किया जाना अनिवार्य होता है। नई अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद और पंजीकरण के मामलों तथा पुरानी मशीनों की बिक्री से संबंधित मामलों पर भी बैठक में व्यापक चर्चा की गई।
बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने विभिन्न अल्ट्रासाउंड केंद्रों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर समिति के अन्य सरकारी सदस्य डॉ. अनिल कुमार, डॉ. पूनम कुमारी, डॉ. स्वाति चंदेल, सहायक जिला न्यायवादी डीके ठाकुर, अन्य अधिकारी और समिति की गैर सरकारी सदस्य सुषमा शर्मा भी उपस्थित रहीं।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर डॉ प्रवीण चौधरी
के मार्गदर्शन में आई .टी. आई हमीरपुर , में कुष्ठ रोग के ऊपर
जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया
आज दिनांक 30/01/2026 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर डॉ प्रवीण चौधरी
के मार्गदर्शन में आई .टी. आई हमीरपुर , में कुष्ठ रोग के ऊपर
जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया !
इस मौके पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया जिस में छात्रों ने
कुष्ठ सम्बन्धी जानकारियाँ अपनी -2 स्पर्धा के माध्यम से प्रस्तुत की !
भाषण प्रतियोगिता में पलक को प्रथम, अभिषेक को द्वितीय व मोनिका को
तृतीय पुरस्कार मिला !
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से स्वास्थ्य पर्यवेक्षक तिलक राज ने कहा की
कुष्ठ रोग एक धीमी गति से फैलने वाली संक्रामक बीमारी है, जिसका कीटाणु
शरीर में प्रवेश करने के बाद इसके लक्षण आने में लगभग चार से छह: साल का
समय लग जाता है ! इसके शुरूआती लक्षणों में मुख्यतः शरीर के किसी भी
हिस्से में एक या एक से अधिक सफ़ेद, लाल या तांबे के रंग के दाग हो सकते
हैं उनमें सुन्नपन होना, हाथ की उँगलियों में कम पकड़ होना , त्वचा पर
उभार व् मोटा होना और कठोर व् शुष्क होना, हाथों , बाहों, पैरों के तलवों
में सुन्नपन होना, शरीर के घाव का कई सप्ताह व महीनों तक ठीक न होना,
शरीर की किसी भी भाग की नशों का मोटा होना, भोंहों के बालों का कम होना
या चेहरे की त्वचा का अधिक तैलीय होना, कुष्ठ रोग की निशानी हो सकते हैं
!
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से बीसीसी समन्वयक श्रीमती सुलोचना
ने बताया की कुष्ठ रोगियों की समय पर पहचान करना आसान है तथा इसका इलाज
भी संभव है , समय पर पहचान करके इससे पूर्णता निजात पाई जा सकती है तथा
इससे होने वाली अपंगता से भी बचा जा सकता है और बताया की कोई भी लक्षण
शरीर में दिखाई दें तो शीघ्र ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं
l मल्टी ड्रग ट्रीटमेंट (एम. डी. टी.) कोर्स से कुष्ठ रोग को पूरी तरह
ठीक किया जा सकता है l यह सभी दवाइयां सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों में
नि: शुल्क मिलती हैं एम. डी. टी दवाइयों का 6 महीने तक नियमित सेवन करने
से कुष्ठ रोग ठीक हो जाता है l इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से कुष्ठ
रोग अधिकारी कृष्ण कुमार भी उपस्थित रहे !
इस अवसर पर संस्थान के प्रिंसिपल सुभाष चंद शर्मा ने भी अपने विचार रखे
और संस्थान के सभी कर्मचारी भी उपस्थित रहे !