सरकार ने अगर धान की खरीद पूरी दामी नहीं दी तो व्यापारी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा- बजरंग गर्ग

सरकार ने धान खरीद का आढ़तियों का कमीशन 59.72 रुपए के बदले 45.88 रुपए देने से व्यापारियों में बड़ा भारी रोष है- बजरंग गर्ग

सरकार ने पिछले साल भी धान व गेहूं का कमीशन 55 रुपए प्रति क्विंटल दिया था- बजरंग गर्ग

सरकार को आढ़तियों का धान का कमीशन 59.72 रुपए और ब्याज देना चाहिए- बजरंग गर्ग

सरकार आढ़तियों की दामी बढ़ाने की बजाय हर साल उसमें कटौती करके व्यापारियों को नाजायज तंग कर रही है- बजरंग गर्ग

सरकार को पहले की तरह गेहूं, धान व हर अनाज खरीद पर आढ़तियों का 2.5 प्रतिशत दामी देनी चाहिए- बजरंग गर्ग

हिसार, 30.01.26- - व्यापारियों की मीटिंग हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व हरियाणा कान्फैड़ के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में हुई। व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार ने धान खरीद का आढ़तियों का कमीशन 59.72 रुपए के बदले 45.88 रुपए देने से व्यापारियों में बड़ा भारी रोष है जबकि सरकार ने पिछले साल भी धान व गेहूं का कमीशन 55 रुपए प्रति क्विंटल दिया था। सरकार को आढ़तियों का धान का कमीशन 59.72 रुपए और ब्याज देना चाहिए। सरकार ने धान का कमीशन लगभग 4 महीने लेट व्यापारियों को देना शुरू किया है। सरकार ने घोषणा की थी आढ़तियों का कमीशन लेट होने पर व्यापारियों को ब्याज सहित कमीशन दिया जाएगा। सरकार ने कई महीने चक्कर लगवाने के बाद पूरा कमीशन देने की बजाय 45.88 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन देने की शुरुआत करना सरासर गलत है। बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार को पहले की तरह गेहूं, धान व हर अनाज खरीद पर आढ़तियों का 2.5 प्रतिशत दामी देनी चाहिए। अनाज खरीद पर अनेकों सालों से आढ़तियों की 2.5 प्रतिशत दामी चलती आ रही है। सरकार आढ़तियों की दामी बढ़ाने की बजाय हर साल उसमें कटौती करके व्यापारियों को नाजायज तंग कर रही है, जो उचित नहीं है। सरकार को फसल खरीद का भुगतान के साथ-साथ आढ़तियों की दामी व पल्लेदारों की मजदूरी भी देनी चाहिए ताकि सरकार आढ़ती और पल्लेदारों में आपसी टकराव ना रहे। सरकार ने अगर धान खरीद की पूरी दामी नहीं दी तो व्यापारी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा।इस अवसर पर अनाज मंडी एसोसिएशन के जिला प्रधान पवन गर्ग, अनाज मंडी प्रधान राम अवतार गोयल, पूर्व प्रधान संजय गोयल, खल बिलोला एसोसिएशन के प्रधान त्रिलोक कंसल, उपप्रधान बजरंग असरावां, जगदीश गोदारा, सत्य प्रकाश आर्य, मंदिर प्रधान अशोक गुप्ता, हॉस्पिटल प्रधान अनिल जैन आदि प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखें।