धर्मशाला, 15 जनवरी : हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने आज उपायुक्त कार्यालय के सभागार, कक्ष संख्या-823 में आयोजित अनुसूचित जाति आयोग के जागरूकता शिविर की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आयोग का प्रमुख उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है तथा किसी भी प्रकार के अन्याय को रोकना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा प्रत्येक जिले में नियमित रूप से रिव्यू मीटिंग आयोजित की जाती हैं। अब तक तीन जिलों में बैठकें संपन्न की जा चुकी हैं और आज कांगड़ा जिला की समीक्षा बैठक आयोजित की गई है। इन बैठकों में संबंधित अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न एनजीओ प्रतिनिधियों, पंचायती राज संस्थाओं तथा अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर क्षेत्रीय फीडबैक लिया जाता है, ताकि जमीनी स्तर की समस्याओं का समाधान प्रभावी ढंग से किया जा सके।
धीमान ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खु
के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रदेश में किसी भी जाति के साथ अन्याय न हो। इसी उद्देश्य के अनुरूप आयोग अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं का त्वरित निवारण सुनिश्चित कर रहा है।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा आयोग के कार्यों को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। पहले आयोग का कार्यालय शिमला में स्थित था, जिसे स्थानांतरित कर अब ऊना क्षेत्र में आयोग भवन में स्थापित किया गया है, जिससे आमजन को सुविधाजनक पहुंच मिल रही है। आयोग की वेबसाइट भी सक्रिय है, जहां से कोई भी नागरिक अपनी शिकायतें या सुझाव ऑनलाइन दर्ज कर सकता है। इसके अतिरिक्त, लिखित शिकायत या ई-मेल के माध्यम से भी आवेदन स्वीकार किए जाते हैं और उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
अध्यक्ष ने बताया कि आयोग के गठन के बाद से शिकायतों के निस्तारण में निरंतर प्रगति हुई है, जिसके सकारात्मक परिणामस्वरूप जनता और प्रतिनिधियों का भरोसा बढ़ा है। यह विश्वास इस बात का प्रमाण है कि समस्याओं का समाधान हो रहा है और आयोग संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य एडवोकेट विजय डोगरा और एडवोकेट दिग्विजय मल्होत्रा तथा सदस्य सचिव विनय मोदी, एडीएम शिल्पी बेक्टा, जिला कल्याण अधिकारी साहिल मांडला, पार्षद अनुराग, पंकज पंकू, बटवाल सभा, वाल्मीकि सभा, कबीरपंथी समाज सुधार सभा, गुरु रविदास महासभा, हिमालयन गददी यूनियन, महाशा सभा, सराडा बिरादरी, सफाई कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रतिनिधि, विभिन्न ग्राम पंचायतों व जिला परिषदों से प्रधान-उपप्रधान, अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा कार्यकर्ता भी उपस्थित रहीं।