ज़ीरो फेटैलिटी के लिए डाटा आधारित रणनीति पर विशेष फोकस: हेमराज बैरवा
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह: ज़ीरो फेटैलिटी लक्ष्य पर केंद्रित समीक्षा बैठक आयोजित
धर्मशाला, 15 जनवरी : राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत आज उपायुक्त कार्यालय स्थित एनआईसी सभागार में सड़क सुरक्षा की वर्तमान स्थिति तथा ज़ीरो फेटैलिटी समाधानों के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) आरडी नजीम ने शिमला से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की। इस अवसर पर उपायुक्त हेमराज बैरवा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़े।
एनआईसी सभागार, धर्मशाला में अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनीष सोनी, डॉ. महिमा कौल, उच्च शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारी सुधीर भाटिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि जिले में आई-राईड एप्लीकेशन के माध्यम से सभी सड़क दुर्घटनाओं का समग्र डाटा एकत्र किया जा रहा है तथा प्रत्येक दुर्घटना का ऑडिट सुनिश्चित किया जा रहा है। एकत्रित डाटा के आधार पर दुर्घटना स्थलों पर मौजूद सड़कों से संबंधित संरचनात्मक कमियों की पहचान कर उन्हें संबंधित एजेंसियों के साथ साझा किया जा रहा है, ताकि समयबद्ध सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों एवं गंभीर चोटों की संख्या में प्रभावी कमी लाई जा सके।
उन्होंने कहा कि ज़ीरो फेटैलिटी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय, वैज्ञानिक डाटा विश्लेषण, दुर्घटना स्थलों का सुधार (ब्लैक स्पॉट सुधार), सड़क इंजीनियरिंग में सुधार, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की सुदृढ़ता तथा जन-जागरूकता अभियानों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों के कड़े अनुपालन, हेलमेट व सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, ओवरस्पीडिंग और नशे में वाहन चलाने पर सख्त कार्रवाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु और गंभीर चोटों की संख्या को कम करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए विभिन्न विभागों को संयुक्त प्रयास करते हुए तकनीक आधारित समाधान, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली और निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।