धर्मशाला, 30 अगस्त: पोषण माह के अंतर्गत जिला कांगड़ा में विविध गतिविधियों को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए आज अतिरिक्त उपायुक्त कांगड़ा विनय कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। डीसी कार्यालय के एनआईसी कक्ष में आयोजित इस बैठक में 12 सितम्बर से 11 अक्तूबर तक चलने वाले पोषण माह को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। एडीसी विनय कुमार ने कहा कि समाज और देश के बेहतर भविषय के लिए हम सबको कुपोषण को जड़ से मिटाने के लिए काम करना होगा। उन्होेेंने कहा कि कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण के लिये आवश्यक है कि सभी विभाग अपने स्तर पर समन्वित प्रयास करें।
उन्होंने सभी विभागों को इसके लिए साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिए, और पोषण के बारे में आम समाज के बीच जागरूकता फैलाना पर भी जोर दिया। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि पोषण अभियान तभी सफल होगा जब समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्य विभागों के सहयोग से इस दौरान पोषण को लेकर विभिन्न कार्यक्रम और गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को इस दौरान छः वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं तथा किशोर लड़कियों में कुपोषण और एनीमिया से निपटने के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए। पोषण पखवाड़े में होने वाली गतिविधियों की जानकारी लेते हुए उन्होंने इसके व्यापक प्रचार प्रसार करने को भी कहा ताकि सभी लोग पोषण पखवाड़े में बढ़ चढ़कर भाग ले सकें।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि गर्भधारण के बाद से पहले हजार दिनों तक गर्भवतीधात्री महिला और शिशु का आहार पोषण के भरपूर होना चाहिए। यदि हम पहले हजार दिन में पोषण को लेकर सजग रहे तो आगे की यात्रा आसान हो जाएगी क्यांेकि जब नींव मजबूत होती है तो आगे के विकास की चिंता करने की अधिक आवश्यकता नहीं होती है और बढ़ती उमर में बच्चों के विकास में कोई रूकावट नहीं आती।
उन्होंने कहा कि पोषण माह के दौरान उच्च शिक्षा संस्थानों में वाद-विवाद एवं मैराथन जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनका मुख्य विषय पोषण रहेगा। साथ ही पोषण क्विज एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रारम्भिक शिक्षा संस्थानों में पोषण भी-पढ़ाई भी की तर्ज पर नई शिक्षा नीति के तहत नवचेतना एवं आधारशिला कार्यक्रम लागू किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त पोषण क्विज एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। विद्यालयों में बच्चों को कृमिनाशक दवाओं का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस दौरान लोगों को खाद्य लेबल पढ़ने, मिलावट से बचने तथा जंक फूड के नुकसान के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों का नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा और पीडीएस के माध्यम से आयरन, फोलिक एसिड एवं विटामिन बी-12 युक्त फोर्टिफाइड चावल का वितरण बढ़ावा दिया जाएगा।
इसके अलावा उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका विकसित करने के लिए उद्यान एवं आयुष विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग को साथ काम करने के निर्देश दिए ताकि बच्चों में प्रकृति प्रेम के साथ ही पेड़-पौधों के प्रति जागरूकता उत्पन्न हो।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) अशोक कुमार शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आर.के. सूद, जिला समन्वयक (पोषण अभियान) अखिल वर्मा सहित जिले से समस्त सीडीपीओ और महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
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नशे की समस्या से निपटने के लिए परिवार, समाज और प्रशासन मिलकर करें कार्य: विनय कुमार
धर्मशाला, 30 अगस्त: जिला कांगड़ा में नशे की रोकथाम संबंधी एक बैठक का आयोजन आज अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार की अध्यक्षता में किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त ने बैठक में कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए परिवार, समाज और प्रशासन को मिलकर कार्य करना होगा। एनआईसी सभागार में आयोजित राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल (एनकॉर्ड) की इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वीर बहादुर और एडीएम शिल्पी बेक्टा भी उपस्थित रहीं।
अतिरिक्त उपायुक्त ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि बच्चों और युवाओं को सही समय पर नशे से रोकना अत्यंत आवश्यक है। समय रहते उन्हें जागरूक करने से वे इस बुरी लत का शिकार होने से बच सकते हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी विभागों को नशा मुक्ति अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए संयुक्त प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज ही स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध समाज की नींव रख सकता है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए एक पूरी तरह समर्पित जागरूकता अभियान जिले में चलाया जाये। उन्होंने कहा कि सभी विभाग और गैर सरकारी संस्थाएं मिलकर जागरूकता सामग्री तैयार करें। उन्होंने इस क्षेत्र में काम कर रही गैर सरकारी संस्थाओं को इस बारे विस्तृत परियोजना बनाने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बैठक में अधिकारियों से जिले में चल रहे निजी क्षेत्र के नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों के निरीक्षण को लेकर की गई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने जिले में सरकारी नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों की क्षमता को बढ़ाने के निर्देश दिये।
अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने कहा कि जिले के स्कूलों में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता अभियान में गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में निर्मित प्रहरी क्लब को एक्टिव किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रहरी क्लब के इंचार्ज की जिम्मेदारी ऐसे शिक्षक को दी जाए जो इस विषय को लेकर गंभीर है और जिसकी बच्चों में भी स्वीकार्यता है।
इस अवसर पर एडीएम शिल्पी बेक्टा ने संवाद (एस.ए.एम.वी.ए.ए.डी. - सिस्टेमैटिक अडोलसेंट मैनेजमेंट एंड वैल्यू एडीशन डायलॉग) कार्यक्रम के बेहतर कार्यान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की स्कूली बच्चों से जुड़ी शिक्षा व जागरुकता गतिविधियों को कन्वर्जेंस के साथ निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक चलायी जाती हैं। उन्होंने इसे लेकर संबंधित अधिकारियों तथा कर्मचारियों को निरंतर बच्चों के बीच जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वीर बहादुर ने कहा कि जिले में नशे के कारोबार को नियंत्रित करने और युवा को इससे बाहर निकालने के लिए सबकी सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नशे की जाल में फंस चुके युवा तथा उनके परिवार इसकी जानकारी पुलिस प्रशासन को बिना किसी झिझक के दें। उन्होंने कहा कि पुलिस उनको इससे बचाने और नशे के कारोबार को नियंत्रित करने में पूर्ण सहयोग करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि कोई भी नागरिक नशे से संबंधित शिकायत या जानकारी देने के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1933, 1908 और 14446 पर संपर्क कर सकता है शिकायत या जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जो बच्चे और युवा नशे की लत में आ चुके हैं, उनके लिए डि-एडिक्शन (नशा मुक्ति) केंद्रों में उपचार एवं पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और पंचायत स्तर पर नियमित जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि समाज में नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी व्यापक रूप से पहुंच सके।
बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश सूद, उप निदेशक कृषि डाॅ. कुलदीप धीमान, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, विभिन्न एनजीओ के प्रतिनिधि और जिले के सभी डीएसपी और बीएमओ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उपस्थित रहे।