Chandigarh,05.02.21-प्राचीन कला केंद्र द्वारा आयोजित किये जा रहे कत्थक उत्सव का आज यहाँ शुभारम्भ हुआ जिस में जयपुर घराने के कत्थक के उदीप्तिमान कत्थक नृतक संजीत गंगानी द्वारा खूबसूरत प्रस्तुति दी गई। विभिन घरानो के युवा कलाकारों के खूबसूरत प्रस्तुतियों से सजा ये तीन दिवसीय कत्थक उत्सव अपने आप में अनूठा है क्योंकि इस में कत्थक नृत्य के विभिन्न घरानो की विशेषताओं को देखने का ये सुनहरा अवसर होगा ।इस कार्यक्रम का आयोजन केंद्र के ऍम एल कौसर इंडोर सभागार में किया गया। लाइव दर्शकों के साथ धीरे धीरे केंद्र ऑफ लाइन कार्यक्रमों की तरफ बढ़ रहा है। केंद्र के इस कार्यक्रम में कोविड नियमो का बखूबी पालन किया गया। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण केंद्र के सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे अधिकृत यूट्यब छानल फेस बुक तथा इंस्टा पेज पर भी किया गया ।

संजीत जयपुर घराने के प्रसिद्द कत्थक गुरु पंडित राजेंद्र गंगानी के सुपुत्र होने के साथ साथ शिष्य भी हैं। संजीत दूरदर्शन के ग्रेडेड कलाकार है। अपनी मेहनत और रियाज़ से संजीत ने कत्थक नृत्य में नए आयाम बना रहे हैं। संजीत ने देश ही नहीं विदेशों में भी कत्थक प्रस्तुतियों से संगीत प्रेमियों के दिल में जगह बनाई है।

आज के कार्यक्रम की शुरुआत संजीत ने एक भक्तिमयी प्रस्तुति से की जिस में इन्होने राग पीलू में निबद्ध शिव स्तुति पेश की जिसके बोल थे "रंगीला शिव " पेश किया , इस प्रस्तुति द्वारा संजीत ने भगवन शिव के प्रति भक्ति को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया।

उपरांत इन्होने ने जयपुर घराने के शुद्ध कत्थक को प्रस्तुतु किया जिस में संजीत ने आमद , परन, तोड़े , टुकड़े , गत, लड़ी , पैरों की चालें इत्यादि का खूबसूरत प्रदर्शन १२ मात्रा चौताल में किया। संजीत के प्रस्तुतीकरण में भाव एवं नृत्य का खूबसूरत संगम दिखता है।

कार्यक्रम के अंतिम भाग में भाव पक्ष पर आधारित प्रस्तुति से संजीत ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। इस प्रस्तुति में संजीत ने एक भजन "गुरु बिन ऐसे कौन करे " पर सूंदर भावपूर्ण नृत्य पेश किया। उपरांत द्रुत लय से सजे गत , निकास, तिहाई एवं जयपुर घराने की कुछ खास बंदिशों से कार्यक्रम का समापन किया।

इनके साथ मंच पर तबले पर मोहित गंगानी एवं निशिथ गंगानी , गायन एवं हारमोनियम पर समीउल्लाह खान, पडंत पर करण गंगानी एवं सारंगी पर राजेश कुमार ने बखूबी संगत की।

कार्यक्रम के अंत में केंद्र की रजिस्ट्रार एवं प्रसिद्द कत्थक नृत्य गुरु डा शोभा कौसर ने कलाकारों को पुष्प एवं स्क्रॉल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्र के सचिव श्री सजल कौसर भी उपस्थित थे।