प्राचीन कला केन्द्र की 25वीं वैबबैठक का सीधा प्रसारण केन्द्र के फेसबुक एवं टविटर पेज के अलावा अधीकृत यूटयूब चैनल पर किया गया । इस कार्यक्रम में पटियाला की जानी मानी युवा सितार वादक डाॅ.भैरवी भट्ट ने अपने सितार वादन की प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोहा ।

भैरवी प्राचीन कला केन्द्र की पूर्व छात्र भी रहीं हैं । भैरवी गौरीपुर घराने से सम्बन्धित हैं । भैरवी ने सितार की प्रारम्भिक शिक्षा अपने पिता मनमोहन शर्मा से प्राप्त की । उपरांत पंडित सतीश चंद्र श्रीवास्तव से सितार की बारीकियां सीखीं ।आजकल भैरवी पंडित हरविंदर शर्मा जी से सितार की गहन शिक्षा प्राप्त कर रही है । भैरवी ने अपनी प्रतिभा के बल पर पंडित हरिवल्लभ संगीत सम्मेलन में पहला स्थान प्राप्त किया । भैरवी ने बहुत से कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है ।

आज के कार्यक्रम की शुरूआत भैरवी ने राग यमन से की । जिसमें उन्होंने आलाप जोड़ से कार्यक्रम की शुरूआत की । उपरांत विलम्बित मध्य लय एक ताल में निबद्ध गत प्रस्तुत की । इसके उपरांत तीन ताल द्रुत लय में पारम्परिक गतें पेश की । कार्यक्रम का समापन भैरवी ने द्रुत लय में निबद्ध झाले से किया । इनके साथ मशहूर तबला वादक पंडित मधुरेश भट्ट ने बखूबी संगत करके कार्यक्रम को और भी खूबसूरत बना दिया । मधुरेश भैरवी के संगतकार होने के साथ-साथ जीवन साथी भी हैं।