CHANDIGARH,10.10.20-प्राचीन कला केन्द्र द्वारा जगजीत सिंह की 9वीं पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई । जिसमें गज़लों भरी एक शाम में कई जाने माने गज़ल गायकों ने खूबसूरत गज़लों द्वारा गज़ल सम्राट जगजीत सिंह को याद किया । इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्राचीन कला केन्द्र के अधिकारिक यूटयूब चैनल तथा फेसबुक तथा टविटर पेज़ पर किया गया । इस कार्यक्रम में श्री आर.डी.कैले,श्री एस.डी.शर्मा,श्रीमती कोमल चुघ,सुश्री पीयूशा मित्रा,श्री सुशील नागपाल,श्री सिमंत सिंह और कीर्ति जैन ने अपनी प्रस्तुतियां पेश की । सबसे पहले स्वर्गीय जगजीत सिंह के बड़े भाई श्री जसवंत सिंह ने उनके साथ बिताए कुछ यादगार पलों को दर्शकों के साथ सांझा किया ।
कार्यक्रम का आगाज़ श्री आर.डी.कैले ने गज़ल ‘‘बात निकलेगी तो बहुत दूर’’ से किया । उपरांत आर.डी.कैले और कोमल चुघ की जोड़ी ने कुछ खूबसूरत गज़लें ‘‘सोचा नहीं अच्छा बुरा’’, ‘‘ये करें और वो करें’’ और ‘‘बाद मुद्दत उन्हें’’ पेश की । इसके पश्चात एस.डी.शर्मा और पीयूशा मित्रा ने ‘‘अगर हम कहें और’’,‘‘उस मोड़ से शुरू करें’’ और ‘‘ये दौलत भी ले लो’’ जैसी उम्दा गज़लें पेश की । इसके पश्चात सुशील नागपाल ने ‘‘हज़ारों ख्वाहिशें ऐसी’’ तथा ‘‘मिलकर जुदा हुए तो’’ पेश की । कार्यक्रम के अंतिम भाग में सिमंत सिंह ने जगजीत सिंह जी की बेहद भावुक गज़ल ‘‘चिट्ठी न कोई संदेश’’ पेश करके कार्यक्रम का समापन किया ।
इनके साथ तबले पर गौतम धर,गिटार पर सुरेंद्र शैरी तथा कीबोर्ड पर जी एस.लवली ने बखूबी संगत की ।