- आबकारी विभाग के लिए एसईटी की सिफारिशें इस साल की आबकारी नीति में पहले से शामिल, दिसंबर तक होंगी लागू - डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला

- 26 मार्च को आदेश देते ही बंद करवा दिए गए थे शराब के ठेके, अगले 15 दिन में नष्ट होगी जब्त अवैध शराब - दुष्यंत चौटाला

- आबकारी नियमों के तहत नहीं दी जा सकती थी अधिकारियों को शराब फैक्ट्री में जांच की इजाज़त उपमुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 7 अगस्त। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि आबकारी विभाग प्रदेश के राजस्व को बढ़ाने और अवैध शराब के नेटवर्क को रोकने के लिए अच्छा काम कर रहा है। चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में डिप्टी सीएम ने कहा कि एसईटी की रिपोर्ट में जो सिफारिशें की गई हैं, वे सभी बिंदू इस साल के लिए लागू की गई आबकारी नीति में पहले से ही शामिल किए जा चुके हैं और दिसंबर तक लागू कर दिए जाएंगे। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मार्च महीने के आखिर में लॉकडाउन लगने के बाद शराब के ठेके बंद करवाने के उनके आदेश को अधिकारियों ने उचित समय में लागू करवा दिया और इसमें कोई ढील नहीं बरती गई।

उपमुख्यमंत्री ने पत्रकारों के सवाल पर बताया कि प्रदेश में लागू एक्ट के तहत शराब डिस्टलरी में किसी अधिकारी का दौरा करने की अनुमति नहीं है इसलिए एसईटी की तरफ से की गई ऐसी एक मांग को नहीं माना जा सकता था। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जिस विभाग में जाकर एसईटी के सदस्य जांच करना चाहते थे वो पंजाब में स्थित है जिसकी मंजूरी हरियाणा का आबकारी विभाग दे ही नहीं सकता।

दुष्यंत चौटाला ने बताया कि 26 मार्च की शाम को उन्होंने सभी शराब ठेके बंद करने के आदेश दिए थे और 27 मार्च की सुबह 11 बजे सभी जिलों से इसे लागू किए जाने की रिपोर्ट आ गई थी। उन्होंने कहा कि विभाग के शीर्ष अधिकारी शेखर विद्यार्थी ने इस विषय में अच्छा काम किया और एसईटी द्वारा उन्हें किसी कोताही के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने को वे सही नहीं मानते।

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने महत्वपूर्ण बात ये भी बताई कि एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार उनके उपमुख्यमंत्री बनने से पहले आबकारी विभाग की ओर से शराब की गड़बड़ी मामलों में 14 एफआईआर दर्ज करवाई गई थी लेकिन पुलिस विभाग उन मामलों में ड्राइवर से ऊपर स्तर के किसी अधिकारी के खिलाफ ना कोई जांच कर पाया, ना कार्रवाई कर पाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ आबकारी विभाग ने गड़बड़ करने वाले अपने वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ तक कार्रवाई की है और सख्त संदेश दिया है दूसरी ओर पुलिस विभाग की उनके कर्मचारियों के मामले में जांच ड्राइवर से ऊपर जा ही नहीं सकी।

एक अन्य विषय पर डिप्टी सीएम ने कहा कि एसईटी ने पकड़ी गई शराब को उचित समय में नष्ट ना करने पर टिप्पणी की है जबकि ये रिकॉर्ड की बात है कि जुलाई 2019 तक का अवैध शराब का स्टॉक नष्ट किया जा चुका है और उसके बाद की गई जब्त शराब को नष्ट करने के लिए नवंबर 2019 में विभाग की तरफ से बाकायदा आदेश जारी किए गए थे। उन्होंने कहा कि इसमें कोई देरी नहीं हुई और फिलहाल कोरोना संकट की वजह से ही कुछ स्टॉक नष्ट नहीं किया जा सका है। उन्होंने अगले 15 दिनों में सभी जिलों में मौजूद जब्त शराब को नष्ट करने के आदेश दे दिए हैं।

शराब के स्टॉक पर बनाई गई एसईटी की रिपोर्ट पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि एसईटी की सिफारिशें राज्य की नई आबकारी नीति में पहले से ही है और दिसंबर तक सब लागू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सोनीपत जिले के डीईटीसी पर ढील बरतने की जो रिपोर्ट आई है, उसके लिए उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को कार्रवाई करने को कह दिया है।

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से जब एसईटी की रिपोर्ट के हिसाब से विजिलेंस विभाग को जांच सौंपने की चर्चाओं पर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विजिलेंस विभाग को जांच देने की राज्य सरकार की एक प्रक्रिया है और उसी हिसाब से इस पर निर्णय होगा। उन्होंने कहा कि एसईटी के सदस्य तीनों वरिष्ठ अधिकारियों ने अच्छा काम किया है।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि शराब की फैक्ट्रियों में सीसीटीवी लगाने का नियम दस साल से लागू है और इस बार इसमें सुधार कर फैक्ट्रियों पर ही यह जिम्मेदारी डाली गई है कि वे सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग खुद उपलब्ध करवाएंगे। उन्होंने खुशी जाहिर की कि राज्य का आबकारी विभाग राजस्व बढ़ाने और कर चोरी रोकने में बेहतरीन काम कर रहा है और 19 अगस्त को पहली तिमाही खत्म होने पर वे इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट सबके सामने रखें

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शहरी भूमि की जन्म कुंडली 15 दिन में होगी तैयार डिप्टी सीएम

- 14 दिनों में एनओसी न मिलने पर डीम्ड स्वीकृति समझकर रजिस्ट्री कर दी जाएगी दुष्यंत चौटाला

- रजिस्ट्रियों में भ्रष्टाचार जड़ से खत्म करना मेरा मकसद उपमुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 7 अगस्त। हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय विभाग के 9 नगर निगमों में अगले एक सप्ताह में और 15 नगर पालिका व नगर परिषदों के अधीन आने वाले क्षेत्रों में आगामी 15 दिनों के अंदर प्रॉपर्टी आईडी तैयार कर दी जाएगी। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि कंट्रोल्ड एरिया में रजिस्ट्रियां करने का एक खास मैकेनिज्म बनाया जाएगा। राजस्व विभाग के अलावा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, एचएसआईआईडीसी, वन विभाग जैसे संबंधित विभाग रजिस्ट्री के लिए अगर 14 दिनों के अंदर-अंदर अनापत्ति प्रमाण-पत्र नहीं देते हैं तो उसे डीम्ड स्वीकृति समझकर रजिस्ट्री कर दी जाएगी। इसके अलावा जो अध्यादेश लाया जा रहा है उसमें कृषि भूमि व खाली पड़ी जमीन की अलग-अलग श्रेणी की जाएंगी। उन्होंने कहा कि कंट्रोल्ड एरिया में रजिस्ट्री के लिए वर्ष 2017 में कृषि भूमि के क्षेत्र को 2 कनाल किया गया था उसको अब वर्ष 2017 के संशोधन से पहले की भांति एक एकड़ किया जाएगा।

डिप्टी सीएम ने बताया कि शहरों में प्रॉपर्टी टैक्स को ऑनलाइन भरने की सुविधा की जाएगी ताकि रजिस्ट्री के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र यानी कि एनओसी स्वत: ली जा सके। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री कार्यालय में मानव-हस्तक्षेप कम से कम हो इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आगामी एक माह में लिंक कर दिया जाएगा ताकि तत्काल रजिस्ट्री हो सके। उन्होंने कहा कि भविष्य में कूपन लेने की आवश्यकता नहीं होगी।

डिप्टी सीएम ने यह भी बताया कि विभाग के पोर्टल पर रजिस्ट्री-डीड का एक नमूना अपलोड किया जाएगा ताकि कोई भी व्यक्ति इसे पढक़र अपनी मर्जी अनुसार डीड करवा सके। वहीं एक सवाल के जवाब में दुष्यंत चौटाला ने बताया कि लॉकडाऊन के दौरान गुरूग्राम, बहादुरगढ़, सोनीपत, अंबाला व फरीदाबाद में अवैध तरीके से रजिस्ट्रियां करने की शिकायतें मिली हैं, इन मामलों में मंडल आयुक्तों को 14 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए है।