चंडीगढ़, (सुनीता शास्त्री,18.07.19- जिम हमेशा से मेरा स्ट्रेस बस्टर रहा है। यही मेरा मेडिटेशन है और वर्कआउट करने से मैं तरोताजा हो जाता हूं। बॉडी बिल्डिंग के जुनून को भरत सिंह वालिया ने मिस्टर यूनिवर्स का खिताब जीतकर साबित कर दिखाया कि जो ठान तो पूरा हो जाता है। डीएवी-10 चंडीगढ़ से पासआउट और एक पेशेवर बॉडीबिल्डर, भरत सिंह वालिया (23), ने हाल ही में मियामी (यूएसए) में आयोजित एक प्रतिष्ठित बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता मसल मैनिया में मिस्टर यूनिवर्स का खिताब जीता है। इससे पहले सिंगापुर में, वह मस्टर इंडिया खिताब जीत चुके हैं। नवंबर माह में, भरत अमेरिका के लास वेगास में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। वह रायपुर-रानी, हरियाणा के निवासी हैं और उनके पिता चंडीगढ़ पुलिस में काम करते हैं।जिम शुरू करते ही भरत को एहसास हो गया था कि उनका शरीर बहुत अच्छे से रेस्पोंस कर रहा है और जल्दी ही अच्छी शेप में आ गया। भरत कहते हैं, जिम हमेशा से मेरा स्ट्रेस बस्टर रहा है। यही मेरा मेडिटेशन है और वर्कआउट करने से मैं तरोताजा हो जाता हूं। खाली समय में वह ऑनलाइन वर्कआउट कोचिंग भी देते हैं। भरत ने बताया, शुरू में मेरे माता-पिता ने बॉडी बिल्डिंग के मेरे जुनून को हल्के में ले लिया था। मैं जिम के लिए अपनी ट्यूशन क्लास बंक कर देता था, क्योंकि परिवार को मेरा जिम जाना पसंद नहीं था। हालांकि मैं अन्य किसी को ऐसा करने की राय नहीं दूंगा। जब मैंने हैल्थ सप्लीमेंट लेने की सोची, तो देखा कि मेरे पास उसे खरीदने के लिए पर्याप्त पैसे ही नहीं थे। पैसे कमाने के लिए, मैंने एक महीने तक एक जिम में काम किया। लेकिन जल्द ही, माता-पिता ने मुझ पर भरोसा करना शुरू कर दिया और अब तो वे पूरी तरह से मुझे सपोर्ट करते हैं। आहार के बारे में बात करते हुए, भरत ने कहा कि वह आर्टिफिशियल फूड की बजाय नेचुरल फूड को प्राथमिकता देते हैं। बॉडी बिल्डिंग के पहले दो वर्षों तक उन्होंने कोई सप्लीमेंट नहीं लिया। अब भी, वह इसके बजाय, विटामिन एवं प्रोटीन से भरपूर प्राकृतिक भोजन लेते हैं। वह कहते हैं कि हर किसी के शरीर का मेटाबॉलिज्म अलग होता है, इसलिए किसी की सलाह को आंख मूंदकर नहीं मानना चाहिए।