हमीरपुर, 20 अप्रैल। जिला निर्वाचन अधिकारी (उपायुक्त) हमीरपुर, डॉ. ऋचा वर्मा की अध्यक्षता में आज यहां विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें उन्हें उम्मीदवारों के नामांकन सहित आदर्श आचार संहिता के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी।

डॉ. ऋचा वर्मा ने कहा कि भारत चुनाव आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में लोकसभा के सामान्य निर्वाचन-2019 की अधिसूचना 22 अप्रैल, 2019 को जारी की जाएगी। उम्मीदवार 22 अप्रैल से 29 अप्रैल, 2019 तक किसी भी कार्यदिवस में प्रातः 11.00 बजे से सायं 3.00 बजे तक अपना नामांकन पत्र निर्वाचक अधिकारी (उपायुक्त) हमीरपुर के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। नामांकन पत्रों की छंटाई 30 अप्रैल को की जाएगी जबकि अभ्यर्थिता (नामांकन) वापस लेने की अंतिम तिथि 02 मई, 2019 निर्धारित की गयी है जिसके उपरांत उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी। मतदान की तिथि 19 मई, 2019 रखी गई है तथा इसके परिणामों की घोषणा 23 मई, 2019 को मतगणना के उपरांत निर्वाचन अधिकारी, हमीरपुर द्वारा की जाएगी।

उन्होंने कहा कि नेगोशिएबल इन्स्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 (वित्त मंत्रालय) के तहत माह के दूसरे व चौथे शनिवार को अवकाश घोषित किया गया है। ऐसे में 27 मई, 2019 को चौथे शनिवार का अवकाश तथा 28 मई, 2019 को रविवार का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण इन दोनों दिन नामांकन दाखिल नहीं किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि नामांकन के समय उम्मीदवार सहित केवल पांच लोगों को ही नामांकन कक्ष में प्रवेश की अनुमति रहेगी। उनके साथ आए समर्थकों को उपायुक्त कार्यालय से 100 मीटर के दायरे पर रखा जाएगा और केवल तीन वाहनों को यहां तक लाने की अनुमति होगी। उन्होंने कहा कि नामांकन पत्रों की छंटाई के दौरान भी उम्मीदवार सहित केवल चार लोगों जिनमें उनका इलेक्शन एजेंट, प्रस्तावक व एक अन्य अधिकृत व्यक्ति (अधिवक्ता इत्यादि) को ही प्रवेश की अनुमति रहेगी।

उपायुक्त ने कहा कि यदि किसी उम्मीदवार के विरुद्ध न्यायालय में कोई आपराधिक (क्रिमिनल) मामला लंबित है अथवा आपराधिक (क्रिमिनल) मामले में दोष सिद्ध हो चुका हो तो उसे निर्धारित प्रपत्र अनुसार समाचार पत्रों तथा टीवी चैनलों के माध्यम से अपने संसदीय क्षेत्र में तीन अलग-अलग दिवसों पर इस बारे में विज्ञापन प्रसारित कर ब्यौरा देना होगा। विज्ञापनों के प्रसारण की समयावधि नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि के उपरांत और मतदान से दो दिन पूर्व (48 घंटे पूर्व) तक निर्धारित की गयी है। उम्मीदवारों को मामले के ब्यौरे के संदर्भ में प्रसारित किए गए विज्ञापन की प्रतियां जिला निर्वाचक अधिकारी के समक्ष चुनावी व्यय के लेखे के साथ प्रस्तुत करनी होंगी। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार को सरकारी आवास से संबंधित किसी भी प्रकार के देय भुगतान के बारे में भी अलग से शपथ पत्र भरकर देना होगा।

उन्होंने कहा कि वाहन, रैली स्थल, चुनावी बैठक, लाऊड स्पीकर, हेलीकॉप्टर की उड़ान, जलसे निकालने व बाईक रैली इत्यादि विभिन्न गतिविधियों के लिए सुविधा एप्प के माध्यम से अनुमति प्राप्त की जा सकेगी। चुनावी व्यय की अधिकतम सीमा 70 लाख रुपए निर्धारित की गयी है और चुनावी प्रक्रिया के दौरान 10 हजार रुपए से अधिक का नकद लेन-देन नहीं किया जा सकेगा। उम्मीदवार को चुनावी व्यय के लिए अलग से बैंक खाता तथा लेखा रिकॉर्ड रखना होगा।

उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे चुनाव प्रचार के दौरान ऐसी किसी भी टिप्पणी से परहेज करें जिससे आपसी सौहार्द बिगड़ने की आशंका हो तथा किसी भी जाति, भाषा अथवा समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचती हो। राजनीतिक दल एवं उम्मीदवार दूसरे दलों अथवा प्रत्याशियों पर उनके निजी जीवन से संबंधित मुद्दों जिनका सार्वजनिक गतिविधियों से वास्ता न हो, पर टिप्पणी करने से भी यथासंभव बचें। इसके अतिरिक्त आदर्श आचार संहिता की अक्षरशः अनुपालना सुनिश्चित करें, ताकि निष्पक्ष, स्वतंत्र व बिना किसी भय के वातावरण में निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न की जा सके।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त रत्तन गौत्तम, तहसीलदार (निर्वाचन) प्रताप ठाकुर सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।