चण्डीगढ़ 23 मार्च, 2019 - भारत एक महान देश है और इसका इतिहास बहुत ही गौरवशाली रहा है। देश में ऐसी कई संस्कृतियाँ हैं जिसने इसे विश्व की सबसे समृद्ध संस्कृति वाला देश बनाया है। यह देश उन वीरों की कर्मभूमि भी रही है, जिन्होंने अपने प्राणों की परवाह किए बिना देश के लिए अपने प्राण त्याग दिये। ऐसे ही देश के सपूत आजादी के मतवाले शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू हैं जिन्हें आज ही के दिन अंग्रेजी हकूमत ने फांसी की सजा दी थी। शहीद दिवस पर भारतीय जनता पार्टी चण्डीगढ़ के प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन ने देश को आजाद करवाने के लिए अपने प्राणों को न्योछावर करने वाले शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

शहीदों को नमन करते हुए संजय टंडन ने कहा कि 23 मार्च, 1931 की मध्यरात्रि को अंग्रेज हकूमत ने देश के तीन सपूतों भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू को फाँसी पर लटका दिया था। शहीद दिवस के रूप में जाना जाने वाला यह दिन भारतीय इतिहास में काला दिन माना जाता है। स्वतंत्रता की लड़ाई में खुद को देश की वेदी पर चढ़ाने वाले यह नायक हमारे आर्दश हैं। इन तीनों वीरों की शहादत को श्रद्धांजलि देने के लिए ही शहीद दिवस मनाया जाता है। यह वीर अपने वतन के लिए प्राणों की बलि देने से भी कभी पीछे नहीं हटे। देश को स्वतंत्र कराने के लिए देश के वीरों ने अपनी जान की आहुती तक दी।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी हमारे वीर सैनिकों ने सीमाओं पर हमारी सुरक्षा के लिए अपने प्राणों को दाव पर लगाया है और सीमा पर तैनात दुश्मनों को मुह तोड़ जवाब दे रहे हैं। आज ही के दिन ही नहीं बल्कि हमें अपने शहीदों को प्रतिदिन याद करना चाहिए उन्हें सलाम करना चाहिए जिनकी बदलौत आज हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं।