Chandigarh,14.03.19-चंडीगढ़ के टैगोर थियेटर में चल रहे 49 वें भास्कर राव सम्मेलन के तीसरे दिन बंासुरी एवं गिटार के नाम रहा जिसमें दो महान कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया ।
सांगीतिक परिवार में जन्में पंडित अजय प्रसन्ना ने अपने पिता श्री भोलानाथ प्रसन्ना से बांसुरी वादन की शिक्षा प्राप्त की । इन्होंने अपने पिता से बचपन से ही शिक्षा लेनी प्रारंभ की और आज कला जगत में अजय एक जाना माना नाम है । अजय प्रसन्ना देश ही नहीं विदेशों में भी अपनी मधुर बांसुरी से दर्शकों का दिल जीता है ।
दूसरी ओर देबाशीश भट्टाचार्य ने अपनी विरासत में संगीत की दुनिया पाई है । इसलिए पंडित देबाशीश गुरू शिष्य परम्परा के पूर्ण समर्थक है ।देबाशीश ने गिटार को संगीत की दुनिया में नए आयाम दिए हैं । ।प्त् के टाॅप ग्रेड आर्टिस्ट देबाशीश ने गिटार के लिए एक पाठ्यक्रम भी तैयार किया है जिससे गिटार से सम्बन्धित हर छोटी बड़ी जानकारी का विस्तृत वर्णन है । इनकी सधी हुई तंत्रकारी से इन्होंने दर्शकों का दिल सहज ही जीता है । इन्होंने भारत के अलावा विदेशों में भी अपनी कला एवं प्रतिभा का बखूबी प्रदर्शन किया है ।
आज के कार्यक्रम की शुरूआत पंडित अजय प्रसन्ना ने राग पूरीया कल्याण से की । जिसमें उन्होंने कुछ बंदिशें एवं गतें पेश की । इनके बांसुरी वादन में गायकी अंग विशेष है । कार्यक्रम का समापन अजय ने मिश्र काफी में निबद्ध होली से किया । बांसुरी की मधुर धुनों से सारा सभागार संगीतमय हो गया । इनके साथ तबले पर युवा तबलावादक अभिषेक मिश्रा ने बखूबी संगत की ।
मधुर बांसुरी वादन के पश्चात पंडित देबाशीश ने मंच संभाला । जिसमें सबसे पहले राग बिहाग से कार्यक्रम की शुरूआत की । आलाप के बाद जोड़़़, झाला का प्रस्तुतिकरण दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गया । कार्यक्रम के अगले भाग में राग जिला काफी में निबद्ध रचनाएं पेश की । कार्यक्रम का समापन पंडित देबाशीश ने राग पीलू से किया । जिसमें उन्होंने बेहद खूबसूरत दादरा एवं ठुमरी पेश करके दर्शकों की वाहवाही लूटी । इनके साथ तबले पर मंझे हुए कलाकार पंडित परिमल चक्रवर्ती ने बखूबी संगत की ।
कार्यक्रम के अंत में केन्द्र की रजिस्ट्ार डाॅ.शोभा कौसर एवं सचिव श्री सजल कौसर ने कलाकारों को सम्मानित किया ।
सचिव श्री सजल कौसर ने बताया कि कल पंडित राम कुमार मिश्रा एवं उनके सुपुत्र राहुल मिश्रा की तबला जुगलबंदी एवं पंडित सौमित्रा लहीरी का सितार वादन प्रस्तुत किया जाएगा ।