अंबाला छावनी/चंडीगढ़ / पंचकूला, 09.10.21- गृह, स्वास्थ्य और तकनीकी शिक्षा मंत्री अनिल विज ने कहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भाजपा सरकार हिंदी सहित सभी भारतीय भाषाओं के मान-सम्मान की बहाली के लिए कृत संकल्प है। प्रदेश के तीन विश्वविद्यालयों में हिंदी में तकनीकी शिक्षा के पाठ्यक्रम शुरू किए जाने की पहल के लिए तकनीकी शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त करने

पहुँचे हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान के साथ विमर्श में उन्होंने यह टिप्पणी की।डॉ.चौहान ने इस अवसर पर राज्य सरकार की इस महत्वपूर्ण पहल के लिए तकनीकी शिक्षा मंत्री के प्रयासों की सराहना की और हरियाणा ग्रंथ अकादमी द्वारा तकनीकी शिक्षा की पाठ्यपुस्तक तैयार करने के लिए किए चलायी जा रही योजनाओं का विवरण दिया।

गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि विश्व के सब स्वाभिमानीऔर समर्थ देश अपनी-अपनी भाषाओं में ज्ञान विज्ञान और तकनीकी विषयों की शिक्षा बरसों से दे रहे हैं। भारत में पूर्ववर्ती सरकारों ने हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं की दशकों तक उपेक्षा कर उन्हें पीछे धकेलने का अपराध किया।

भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति में भारतीय भाषाओं के मान-सम्मान की बहाली के प्रभावी प्रावधान कर उन पर काम करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कार्यालयों में अधिकतम कार्य हिंदी में करने के लिए विभाग अध्यक्षों को लिखित निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में इन निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा भी की जाएगी।

हरियाणा ग्रंथ अकादमी उपाध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने इस अवसर पर बताया कि हरियाणा ग्रंथ अकादमी केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत चलने वाले पारिभाषिक शब्दावली आयोग के आर्थिक सहयोग से हिंदी में पॉलिटेक्निक की पुस्तकें तैयार करवा रही है। इसके अलावा अकादमी ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के साथ भी हिंदी में परिषद द्वारा तैयार की गई इंजीनियरिंग की किताबों के प्रकाशन और विपणन के संबंध में एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कर उसके अनुसार कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने कहा कि अकादमी द्वारा तकनीकी शिक्षा से जुड़ी पाठ्य पुस्तकों के लेखन से जुड़े विभिन्न आयामों पर मंथन के लिए एक राष्ट्रीय संगोष्ठी व कार्यशाला आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।