आईओसीएल ने आयोजित की ऑफ साइट माॅकड्रिल

ऊना, 28 जुलाई - इंडियन ऑयल काॅरपोरेशन लिमिटेड, उत्तरी क्षेत्र पाइपलाइन्स, ऊना द्वारा आज हरोली तहसील के बाथड़ी में ऑफ साइट माॅकड्रिल का आयोजन किया गया। इस क्षेत्र मेें स्थित इंडियन ऑयल की तेल की पाइपलाइन के निकट इस माॅकड्रिल का आयोजन किया गया।

इस मौके पर इंडियन ऑयल काॅरपोरेशन की ओर से उपमहाप्रबंधक प्रशांत ठाकुर ने बताया कि माॅकड्रिल का मकसद पाइपलाइन से तेल रिसने या अन्य किसी कारणों से पाइपलाइन को क्षति पहुंचने की स्थिति में आग लगने पर काबू पाने तथा पाइपलाइन की सुरक्षा बारे लोगों में जागरूकता फैलाना था।
इस दौरान अग्निशमन विभाग से नितिन धीमान व उनकी टीम के अन्य सदस्य तथा बाथड़ी के प्रधान व स्थानीय निवासी मौजूद रहे।
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29 केंद्रों पर 18 प्लस नागरिकों का होगा कोविड टीकाकरण
ऊना, 28 जुलाई - जिला में वीरवार 29 जुलाई को 29 केन्द्रों पर 18 प्लस आयु वर्ग के नागरिकों के लिए कोविड टीकाकरण के सत्र आयोजित किए जाएंगे। यह जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारीए ऊना डाॅ रमण कुमार शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य खंड हरोली के तहत सीएचसी हरोली, स्वास्थ्य खंड बसदेहड़ा के तहत एचएससी टक्का, पीएचसी बसाल, पीएचसी चलोला, पीएचसी देहलां व आरएच ऊना, स्वास्थ्य खंड अंब के तहत राधा स्वामी सतसंग घर अंब, राधा स्वामी सतसंग घर दियाड़ा, राधा स्वामी सतसंग घर जबेहड़ सरोई, जीपी धर्मसाला महंतां, स्वास्थ्य खंड थानाकलां के तहत एचएससी बल्ह, एचएससी बौल, एचएससी बुडवार, एचएससी तलाई, एचएससी बीहडू, एचएससी कियारियां, एचएससी धुंदला, एचएससी जरोला, एचएससी चराड़ा, एचएससी जसाणा, एचएससी जोल, एचएससी बडूही, एचएससी कोडरा, एचएससी धनेत और स्वास्थ्य खंड गगरेट के तहत राधा स्वामी सतसंग घर गगरेट, डिग्री काॅलेज दौलतपुर चैक, रावमापा भंजाल, रावमापा डंगोह व पीएचसी मरवाड़ी में 18 प्लस आयु वर्ग के युवाओं का कोविड टीकाकरण किया जाएगा।
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10वी से 12वीं कक्षाओं के लिए 2 अगस्त से खुलेंगे स्कूल
स्कूलों में कोविड अनुरुप व्यवहार और निर्धारित एसओपी की अनुपालना सुनिश्चित करनी होगी
5वीं व 8वीं के विद्यार्थी शैक्षणिक शंकाओं को दूर करने के लिए आ सकते हें स्कूल
ऊना, 28 जुलाई - जिला प्रशासन ऊना ने कोविड प्रतिबंधों में ढील देते हुए निर्धारित मापदंडों की अनुपालना के साथ 2 अगस्त से स्कूलों को खोलने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि 10वीं, 11वीं व 12वीं की कक्षाओं के लिए जिला के सभी स्कूल खोले जा सकेंगे, जिनमें आवासीय व अर्ध-आवासीय स्कूल भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए विद्यालयों में शिक्षा विभाग को जारी की गई एसओपी और कोविड अनुरुप व्यवहार की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करनी होगी। इसके अलावा अपनी शैक्षणिक शंकाओं को दूर करने के लिए 5वीं व 8वीं कक्षाओं के विद्यार्थी भी स्कूल आ सकते हैं।
एडीसी डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि शोधार्थी संबंधित विश्वविद्यालयों द्वारा अधिसूचित तिथियों को ही विश्वविद्यालय में जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि ऑफलाइन कोचिंग, ट्यूशन व प्रशिक्षण संस्थानों को भी सशर्त खोलने की अनुमति दी गई है। प्रशिक्षण संस्थानों में केवल वही विद्यार्थी आ सकते हैं, जिनकी वैक्सीनेशन हो चुकी है। वैक्सीनेशन न होने की स्थिति में अभ्यार्थी को 72 घंटे पूर्व तक की आरटीपीसीआर नेगेटिव साथ लानी होगी।
एडीसी ने कहा कि कर्फ्यू प्रावधानों का उल्लंघन करने पर दोषी के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 और आइपीसी की धारा 188 सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई सकती है।
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विकास खंड बंगाणा व गगरेट में खोली जायेंगी उचित मूल्य की दूकाने: हमलाल
ऊना, 28 जुलाई: खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा ऊना जिला के विभिन्न विकास खंडों में उचिल मूल्य की दुकानें खोली जायेंगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता ऊना विजय सिंह हमलाल ने बताया कि विकास खंड बंगाणा में ग्राम पंचायतों बोहरू, डीहर, बडूही तथ पलाहटा और विकास खंड गगरेट में ग्राम पंचायत अंबोटा के वार्ड 10 में उचित मूल्य की दुकानें खोली जायंेगी।
विजय सिंह हमलाल ने बताया कि उचित मूल्य की दुकानों के लिए सार्वजनिक संस्थान या सार्वजनिक निकाय जैसे ग्राम पंचायत, स्वयं सहायता समूह, सहकारी सभाएं व महिलाओं द्वारा संचालित समूह को प्रथम प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त महिला एवं बाल विकास विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा परिभाषित एकल नारी, विधवा नारी जिसके बच्चे उस पर आश्रित हों, शारीरिक रुप से विकलांग व्यक्ति जोकि विकलांगता अधिनियम 1955 में परिभाषित किया गया है तथा उचिल मूल्य की दुकान को कुशलतापूर्वक संभालने में सक्षम हो, भूतपूर्वक सैनिक, शिक्षित बेरोजगार जिनके परिवार से कोई स्थायी नौकरी में कार्यरत न हो, ऐसे व्यक्तियों को द्वितीय प्राथमिकता दी जायेगी। इसके अलावा तृतीय प्राथमिकता हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम से आवेदन पत्र आमंत्रित किए जाते हैं।
उन्होंने इच्छुक व्यक्तियों से आहवान किया है कि उचिल मूल्य की दुकानों के लिए आवेदन आॅनलाईन माध्यम से 30 जुलाई से 20 अगस्त तक https://emerginghimachal.hp.gov.in/ पर कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाषा नंबर 01975-226016 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
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सिरमौर में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 14 मत्स्य पालन इकाइयां की जा रही स्थापित

योजना के तहत 40 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक अनुदान किया जा रहा प्रदान
नाहन 28 जुलाई - हिमाचल प्रदेश के मत्स्य पालकों को आर्थिक रूप से मजबूत तथा आत्मनिर्भर बनाने के साथ मत्स्य निर्यात को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना चलाई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य मछली पालन को बढ़ावा देना, मत्स्य पालकों की क्षमता के एकीकृत विकास के लिए एक सक्षम वातावरण बनाना, स्थिरता, जैव सुरक्षा और पर्यावरण संबंधित चिंताओं को ध्यान में रखते हुए मत्स्य पालकों की आय में सुधार करना है।
सहायक मत्स्य पालन अधिकारी नाहन तपेश चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत जिला सिरमौर में वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान 8.94 लाख रुपए खर्च करके 14 मत्स्य पालन की इकाइयां स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की गई है। कुछ इकाइयां कार्यशील हो चुकी हैं तथा कुछ का कार्य प्रगति पर है। हिमाचल प्रदेश में इस योजना के तहत सामान्य वर्ग के लिए 40 प्रतिशत तथा अन्य वर्ग के लिए 60 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लाभार्थी अनुज वर्मा पुत्र बालकिशन निवासी गांव नाया डाकघर माजरा तहसील पांवटा साहिब ने बताया कि उन्हें मत्स्य विभाग की ओर से 7 बायो फ्रलोक टैंक बनाने के लिए 3 लाख रुपए का अनुदान स्वीकृत हुआ है जिसमें से 1.20 लाख अनुदान राशि उन्हें अब तक प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने अपने इन टैंको में अलग-अलग प्रजाति का मत्स्य बीज डाल रखा है जिसमें कॉमन कार्प गोल्डन फिश, वियतनाम कोई और सिंघी प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले 6-7 महीनों में उन्हें अच्छी पैदावार की उम्मीद है। उन्होंने अन्य लोगों से भी मात्स्यिकी विभाग की योजनाओं से जुड़ने का आवाहन किया है।
मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़े अन्य लाभार्थी जिला सिरमौर की तहसील नाहन के अंतर्गत गांव रुकडी के रहने वाले नितिन चौहान ने बताया कि उन्होंने मत्स्य पालन के व्यवसाय को अपनाया हुआ है अपने इस व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए उन्हें मात्स्यिकी विभाग की ओर से एक हेक्टेयर के तालाब के लिए 4.96 लाख रुपए की अनुदान सहायता स्वीकृत हुई है, जिसमें से अब तक 1.68 लाख रुपए उन्हें मिल चुके हैं। उन्होंने नालागढ़ से तकरीबन 1 लाख मछली का बीज लाकर अपने तालाब में डाला है जो एक वर्ष के भीतर तकरीबन एक किलो से ऊपर का हो गया है। नितिन चौहान के अनुसार हिमाचल में ही तैयार बीज से उन्हें काफी फायदा हुआ है तथा इस व्यवसाय से उन्हें प्रति वर्ष प्रति बीघा से एक लाख रुपये तक की आमदनी की संभावना है। इस व्यवसाय की सफलता को देखते हुए उन्होंने अन्य किसानों से भी मत्स्य पालन व्यवसाय को अपनाने का आव्हान किया है। उन्होंने इस योजना का लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर, हिमाचल प्रदेश सरकार और मात्स्यिकी विभाग का धन्यवाद किया है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत सरकार तालाब बनाने तथा मत्स्य पालन शुरू करने के लिए अनुदान राशि उपलब्ध करवा रही है जिससे मत्स्य किसान अपना खुद का मछली पालन व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ उठाकर मछली पालकों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं तथा वे आत्मनिर्भर बन रहे हैं। योजना के तहत अनुदान की राशि सीधे मत्स्य पालक के बैंक खाते में भेजी जाती है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक जिला मत्स्य पालन कार्यालय नाहन में संपर्क कर सकते हैं जिसके लिए आवेदक के पास आधार कार्ड, पहचान पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, आवेदक के बैंक खाते का विवरण, मोबाइल नंबर, राशन कार्ड तथा आवेदक का जाति प्रमाण पत्र होना आवश्यक है।
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