चण्डीगढ़ 27, फरवरी- संत शिरोमणि श्री गुरू रविदास जी महाराज एक महान संत, दार्शनिक और समाज सुधारक थे। उनकी वाणी व शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं। यह बात हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने संत शिरोमणी श्री गुरू रविदास जी महाराज की जयंती के अवसर पर राजभवन में आयोजित सादे समारोह में कही उन्होंने श्री गुरू रविदास जी की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस कार्यक्रम में लेडी गर्वनर श्रीमती सरस्वती देवी ने भी श्री गुरू रविदास जी की मूर्ति पर पुष्प अर्पित करके उन्हे याद किया।
श्री आर्य ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई व शुभकामनाएं दी तथा सभी के लिए सुख शान्ति एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि श्री गुरू रविदास पूरे संसार में समभाव चाहते थे। श्री गुरू रविदास जी ने अपनी वाणी में कहा भी है किः-
‘‘ ऐसा चाहू राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न।
छोट बड़ो सब सम बसै, रैदास रहे प्रसन्न‘‘।
श्री आर्य ने कहा कि श्री गुरू रविदास जी किसी एक जाति या सम्प्रदाय के गुरू नही थे बल्कि वे पूरी मानव जाति के पथ-प्रदर्शक थे। श्री गुरू रविदास जी का चिंतन भी किसी एक जाति तक सीमित नही था। आज रविदास जी अपने चिंतन-दर्शन और शिक्षाओं के कारण पूरे विश्व में प्रचारित है।
उन्होंने कहा कि गुरू जी की शिक्षाओं को हम सब ने अपने जीवन में उतार कर समभाव की और आगे बढ़ना होगा तभी देश को भेदभाव से छुटकारा मिलेगा और देश तरक्की करेगा।
श्री आर्य ने कहा कि डा0 भीमराव अम्बेडकर ने अपने जीवन में श्री गुरू रविदास जी के कर्म के संदेश को जीवन में उतारा और गरीब वर्ग के लोगों के लिए संघर्ष किया था, जिसकी वजह से समाज में एकता और समभाव का संदेश फैला। देश के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी ने सामाजिक समरसता की परंपरा को तेजी से आगे बढ़ाया है। उन्होने गुरू रविदास जी द्वारा दिए गए ‘‘सब समान बसें‘‘ विचार को आगे बढ़ाते हुए सबका साथ-सबका विकास तथा सबका विश्वास का नारा दिया और आज इसी नारे पर काम कर रहे है।
कैप्शन- श्री गुरू रविदास जयन्ती के अवसर पर राजभवन में आयोजित सादे समारोह में हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य संत शिरोमणी श्री गुरू रविदास जी महाराज की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर नमन करते हुए।