हमीरपुर, 06 अगस्त : हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना-II (HPCDP-II), JICA-ODA के परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान ने कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी कर सार्वजनिक धन का किसी अन्य उद्देश्य में उपयोग स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि परियोजना की प्रत्येक गतिविधि का केंद्र किसानों का कल्याण होना चाहिए।

डॉ. चौहान ने डीपीएमयू-हमीरपुर तथा संबद्ध बीपीएमयू बिलासपुर, हमीरपुर एवं ऊना के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आयोजित ‘टीम बिल्डिंग, नेतृत्व विकास, प्रेरणा एवं तनाव प्रबंधन’ विषयक एचआरडी प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रशिक्षण वरिष्ठ कॉरपोरेट प्रशिक्षक श्री मनु भारद्वाज द्वारा प्रदान किया जा रहा है।

अपने संबोधन में उन्होंने ‘काइज़ेन’ और निरंतर सुधार की कार्य संस्कृति पर बल देते हुए कहा कि समस्याओं से बचने के बजाय उनका समाधान खोजने की आदत विकसित करनी होगी। उन्होंने अधिकारियों से किसानों के साथ पारदर्शी एवं निर्भीक संवाद बनाए रखने का आह्वान किया।

वरिष्ठ सलाहकार श्री बलजीत संधू ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य कर्मचारियों को किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु सही दिशा देना है। उन्होंने तकनीकी नवाचार के साथ संसाधनों के प्रभावी उपयोग और बहु-कौशल कार्य संस्कृति पर बल दिया।

जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. संतोष शर्मा ने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि कार्यक्रम का संचालन बीपीएम-हमीरपुर द्वारा किया गया।