बिलासपुर, 06 अगस्त: नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज बिलासपुर बस स्टैंड से 15 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिला बिलासपुर को प्रथम चरण में कुल 15 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध करवाई गई हैं, जिनमें से पांच बसें बिलासपुर डिपो तथा 10 बसें घुमारवीं उप-डिपो के अंतर्गत विभिन्न ग्रामीण रूटों पर संचालित की जाएंगी।

इस अवसर पर राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार राज्य सरकार ने 300 इलेक्ट्रिक बसों को हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े में शामिल किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू तथा उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रथम चरण में जिला बिलासपुर को भी 15 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध करवाई गई हैं तथा भविष्य में और बसें उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिन रूटों पर डीजल बसें संचालित हो रही हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बसों से प्रतिस्थापित किया जाएगा। उन्होंने एचआरटीसी प्रबंधन को बिलासपुर-बंदला रूट पर भी एक इलेक्ट्रिक बस संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि यह संदेश जाए कि इलेक्ट्रिक बसें पहाड़ी क्षेत्रों में भी सफलतापूर्वक संचालित की जा सकती हैं।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि आने वाला समय इलेक्ट्रिक तथा ग्रीन हाइड्रोजन आधारित बसों का है। प्रदेश सरकार का प्रमुख उद्देश्य पर्यावरण को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त बनाना है और इस दिशा में इलेक्ट्रिक बसें मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन से संचालित बसें भी चलाई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक बसों के साथ-साथ राजीव गांधी स्वरोजगार योजना के अंतर्गत बेरोजगार युवाओं को इलेक्ट्रिक टैक्सी खरीदने पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का प्रावधान किया है। इस योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा उनकी टैक्सियों को विभिन्न सरकारी विभागों के साथ संबद्ध किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योजना के प्रथम चरण की सफलता के बाद दूसरे चरण में भी अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने के उद्देश्य से 50 प्रतिशत तक अनुदान की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि यदि कोई पात्र बेरोजगार युवा, जिसके पास हेवी ड्राइविंग लाइसेंस है, निजी स्तर पर इलेक्ट्रिक बस खरीदना चाहता है तो उसके लिए भी 50 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी (कैपिटल सब्सिडी) का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त सरकार की ओर से प्रतिमाह 75 हजार रुपये तक का वायबिलिटी गैप फंड (वीजीएफ) भी उपलब्ध कराया जाएगा।

राजेश धर्माणी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने कीरतपुर-मनाली तथा शिमला-धर्मशाला मार्गों सहित विभिन्न ग्रीन कॉरिडोर विकसित किए हैं। इन कॉरिडोरों में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं तथा भविष्य में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गांवों को सड़क सुविधाओं से जोड़ने के साथ-साथ परिवहन सेवाओं की मांग भी लगातार बढ़ रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि दूरदराज एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण और सुगम परिवहन सुविधाएं उपलब्ध हों तथा इस दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

इससे पूर्व एचआरटीसी प्रबंधन ने तकनीकी शिक्षा मंत्री का स्वागत किया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा, प्रदेश कांग्रेस महासचिव विवेक कुमार, एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल, हिमुडा निदेशक जितेंद्र चंदेल, एचआरटीसी निदेशक संदीप सांख्यान, निर्मला राजपूत, एसडीएम राज कुमार, मंडलीय प्रबंधक एचआरटीसी राज कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) राहुल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।