जिलाधीश गंधर्वा राठौड़ ने केंद्रीय विद्यालय में किया वोकेशनल लैब का शुभारंभ
विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक में विभिन्न कार्यों एवं गतिविधियों की समीक्षा भी की
कहा, आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद ही खर्च करें पीएमश्री योजना का बजट

हमीरपुर 30 जुलाई। जिलाधीश गंधर्वा राठौड़ ने वीरवार को केंद्रीय विद्यालय हमीरपुर की विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभिन्न कार्यों और गतिविधियों की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि पीएमश्री योजना के तहत विद्यालय को इस वित्त वर्ष के लिए लगभग 33.92 लाख रुपये का बजट आवंटित हुआ है। यह धनराशि विद्यालय परिसर में ढांचागत विकास, मरम्मत, अन्य कार्यों, शैक्षणिक, खेल, सांस्कृतिक, अध्यापक प्रशिक्षण, शैक्षणिक भ्रमण, अध्यापक-अभिभावक संवाद और अन्य गतिविधियों पर खर्च की जाएगी। जिलाधीश ने विद्यालय के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद ही यह धनराशि खर्च होनी चाहिए। इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पिछले वित्त वर्ष के दौरान खर्च की गई धनराशि की रिपोर्ट भी तलब की तथा इससे संबंधित कार्यों एवं पुराने ऑडिट पैरा की समीक्षा के लिए एक कमेटी के गठन के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि विद्यालय की चारदिवारी के निर्माण, विद्यालय परिसर से बिजली के ट्रांसफॉर्मर को शिफ्ट करने और अन्य मुद्दों के समाधान के लिए त्वरित कदम उठाए जाएंगे। विद्यालय के परीक्षा परिणामों की सराहना करते हुए जिलाधीश ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों अरविंद कुमार, अनिल कुमार, नरेंद्र कुमार और एकता सिंह को सम्मानित भी किया।
बैठक में समिति के सदस्य सचिव एवं प्रधानाचार्य संजय कुमार ने विभिन्न मुद्दों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एसडीएम संजीत सिंह, स्कूल शिक्षा उपनिदेशक कमल किशोर भारती, सीपीडब्ल्यूडी, परिवहन, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के अधिकारियों के अलावा शिक्षकों एवं अभिभावकों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
बैठक के बाद जिलाधीश ने विद्यालय परिसर में लगभग 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित वोकेशनल लैब का शुभारंभ भी किया। उन्होंने स्कूल परिसर और इसके आस-पास के क्षेत्र का निरीक्षण भी किया और यहां जारी विभिन्न कार्यों तथा अन्य मुद्दों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

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अपनी पंचायत को आदर्श पंचायत बनाने के लिए कार्य करें नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि: अभिषेक गर्ग

भोरंज 30 जुलाई। एडीसी एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक गर्ग ने विकास खंड भोरंज की ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे अपनी-अपनी पंचायतों को आदर्श पंचायत के रूप में विकसित करने के लिए कार्य करें। वीरवार को यहां खंड विकास अधिकारी कार्यालय में नवनिर्वाचित पंचायत जनप्रतिनिधियों की कार्यशाला में संवाद सत्र के दौरान अभिषेक गर्ग ने कहा कि सभी पंचायत जनप्रतिनिधि अपनी-अपनी ग्राम पंचायत को विकास के विभिन्न मानकों में नंबर वन पर लाने के लिए ग्रामीण विकास की सभी योजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। अगर किसी योजना के क्रियान्वयन में कोई बाधा आए तो विभागीय अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त करें।
उन्होंने कहा कि विभिन्न विकास कार्यों के साथ-साथ पंचायत जनप्रतिनिधि स्वच्छ भारत मिशन और अन्य अभियानों को सफल बनाने में बहुत बड़ी भूमिका अदा कर सकते हैं। आज के दौर में ग्रामीण क्षेत्रों में भी ठोस एवं तरल कचरे का सही प्रबंधन बहुत जरूरी है। इसके लिए गीले, सूखे, प्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक्स के कचरे की छंटनी घरों से ही शुरू होनी चाहिए। इसी प्रकार, सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की शुरुआत पंचायत कार्यालयों से की जा सकती है। हर पंचायत में सुंदर पार्क विकसित करके लोगों को सुबह-शाम सैर एवं योग इत्यादि के लिए उपयुक्त स्थान मुहैया करवाए जा सकते हैं तथा इन पार्कों के माध्यम से ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। बच्चों और युवाओं के लिए खेल के मैदान, लाइब्रेरी एवं रीडिंग रूम बनाने चाहिए। एडीसी ने कहा कि वीबी जीरामजी योजना के अलावा पंद्रहवें वित्त आयोग की शेष राशि और सोलहवें वित्त आयोग की राशि का भी सदुपयोग करके इसे विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च किया जा सकता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को कई अन्य महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
इससे पहले, डीआरडीए की परियोजना अधिकारी अस्मिता ठाकुर, जिला पंचायत अधिकारी बबीता गुलेरिया, बीडीओ कुलवंत सिंह और अन्य अधिकारियों ने भी पंचायत जनप्रतिनिधियों को विभिन्न योजनाओं से अवगत करवाया।