चंडीगढ़ 24 अप्रैल 2026: मानव एकता दिवस के अवसर पर संत निरंकारी सत्संग भवन सेक्टर 30 चंडीगढ़ में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। जिसमें 327 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। जिसमें दो टीमे पीजीआई, सेक्टर 12 और सरकारी मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल सेक्टर 16 के अनुभवी चिकित्सक एवं उनकी टीम ने रक्त एकत्रित किया। संपूर्ण आयोजन में सारी साध संगत ने तन मन धन से भरपूर योगदान दिया।

रक्तदान शिविर का उद्घाटन करते हुए नगर निगम के मेयर सौरभ जोशी जी ने सैकड़ों की संख्या में उपस्थित स्वैच्छिक रक्तदाताओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि निरंकारी मिशन का संदेश “मानव को मानव हो प्यारा, एक-दूजे का बने सहारा” सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं, बल्कि हृदय से जीया जाने वाला जीवन दर्शन है। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव और निष्काम सेवा का जीवंत उदाहरण है।


युगप्रवर्तक बाबा गुरबचन सिंह जी ने सत्य, सरलता और सद्भावना का मार्ग दिखाते हुए युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने और ऊर्जा को समाजसेवा में लगाने की प्रेरणा दी। बाबा हरदेव सिंह जी ने “रक्त नाड़ियों में बहे, नालियों में नहीं” का संदेश देकर सेवा को जीवन का अनिवार्य अंग बनाया, जिसे सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज निरंतर आगे बढ़ा रही हैं।

‘मानव एकता दिवस’ 24 अप्रैल को, बाबा गुरबचन सिंह जी की दिव्य स्मृति में, सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता जी के सान्निध्य में दिल्ली के ग्राउंड नं. 8 में आयोजित हुआ। इसके साथ ही समूचे देश कीहजारों सत्संग केंद्रो पर श्रद्धा और समर्पण भाव से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव और निष्काम सेवा का जीवंत स्वरूप बनकर उभरा।


संत निरंकारी मण्डल के सचिव आदरणीय श्री जोगिन्दर सुखीजा ने जानकारी देते हुए बताया कि समूचे भारतवर्ष के लगभग 200 स्थानों पर रक्तदान शिविरों का सफल आयोजन किया गया; जिससेलगभग 40,000 यूनिट रक्त संकलित किया गया, जो निष्काम सेवा, परोपकार और मानवता के प्रति समर्पण की जीवंत अभिव्यक्ति बनकर उभरा।


युगप्रवर्तक बाबा गुरबचन सिंह जी की स्मृति में यह दिवस वर्षभर चलने वाली सेवा-सरिता का शुभारंभ है, जिसके अंतर्गत देशभर में लगभग 705 स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे; जो करुणा और एकत्व की भावना को निरंतर सुदृढ़ करेंगे।


इस अवसर पर यहां के संयोजक श्री नवनीत पाठक ने मेयर श्री जोशी का आभार व्यक्त करते हुए कि रक्तदान की यह पावन परंपरा पिछले चार दशकों से निरंतर जारी है।


अब तक 9,174 रक्तदान शिविरों के माध्यम से लगभग 15,00,230 यूनिट रक्त संकलित किया जा चुका है, जो मानव सेवा के प्रति निरंकारी मिशन की अटूट प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।