चुवाड़ी, सितम्बर 7-विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में आज भटियात विकासखंड के तहत नव निर्वाचित पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ परिचय एवं संवाद को लेकर खंड विकास कार्यालय के सभागार में एक बैठक का आयोजन किया गया।
कुलदीप सिंह पठानिया ने बैठक में नवनिर्वाचित ग्राम पंचायत प्रधानों, उपप्रधानों तथा बीडीसी सदस्यों के साथ ग्रामीण विकास, पंचायतों की कार्यप्रणाली एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों की विकास आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए विकास कार्यों को गति प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास तथा आमजन की समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
साथ में उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों को राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर अपने क्षेत्र और गांव की वास्तविक आवश्यकताओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। विकास योजनाओं का बेहतर एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ-साथ यह प्रयास भी होना चाहिए कि सरकार की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का मूल उद्देश्य क्षेत्र के विकास और जनसेवा को सर्वोपरि रखते हुए लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना होना चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भटियात हिमाचल प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा विकासखंड है, जिसके अंतर्गत 71 ग्राम पंचायतें आती हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भटियात विकासखंड ने चंबा जिला में अग्रणी स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विकासखंड में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन तथा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।
उन्होंने इस दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत लंबित वित्तीय देनदारियों, 16वें वित्त आयोग के अंतर्गत प्राप्त कम राशि, विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण
का उल्लेख भी अपने संबोधन में किया।
अतिरिक्त उपायुक्त अमित मेहरा ने ग्रामीण विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करते हुए जनप्रतिनिधियों से आपसी समन्वय और सक्रिय सहभागिता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंचायतों के प्रभावी संचालन और ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा आम जनता के बीच निरंतर संवाद और बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं को समझकर उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना जनप्रतिनिधियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए और इसके लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।
इससे पहले खंड विकास अधिकारी अनिल गुराडा ने स्वागत संबोधन रखते हुए विकासखंड भटियात के अंतर्गत कार्यान्वित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति और वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
सदस्य निदेशक मंडल राज्य सहकारी बैंक राजकुमार चंबियाल, अध्यक्ष पंचायत समिति लालचंद, एसडीएम मनीष सोनी, अधिशासी अभियंता राकेश ठाकुर, नरेंद्र चौधरी विभिन्न विभागीय अधिकारियों सहित पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि इस अवसर पर उपस्थित रहे।