शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है, जिसके जरिए व्यक्ति जीवन में आगे बढ़ सकता है: राजेश धर्माणी
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने राजकीय महाविद्यालय घंडालवीं के विद्यार्थियों से किया संवाद
घुमारवीं (बिलासपुर), 19 अगस्त: नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज राजकीय महाविद्यालय, घंडालवीं के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है, जिसके जरिए व्यक्ति जीवन में आगे बढ़ सकता है और अपने सपनों को साकार कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से केवल डिग्री या डिप्लोमा प्राप्त करने के उद्देश्य से शिक्षा ग्रहण न करने, बल्कि ज्ञान की गहराई तक जाकर स्वयं को हुनरमंद एवं सक्षम बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के साथ-साथ उसे एक जिम्मेदार एवं संवेदनशील नागरिक भी बनाती है।
राजेश धर्माणी ने विद्यार्थियों को समाज के प्रति उत्तरदायी बनने तथा अपने व्यक्तित्व का निरंतर विकास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपना स्वाॅट विश्लेषण करने का आग्रह करते हुए कहा कि वे अपनी शक्तियों, कमजोरियों, अवसरों और चुनौतियों का विस्तृत आकलन लिखित रूप में करें, ताकि अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए स्पष्ट रणनीति तैयार कर सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को करियर का रोडमैप बनाने, शैक्षणिक लक्ष्य निर्धारित करने तथा अंग्रेजी संप्रेषण कौशल को बेहतर बनाने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और मोबाइल फोन का उपयोग केवल मनोरंजन तक सीमित न रखते हुए ज्ञान अर्जन और स्वयं को अद्यतन रखने के लिए किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने नियमित शारीरिक व्यायाम, अच्छी पुस्तकों के अध्ययन, संचार कौशल में निरंतर सुधार तथा प्रतिदिन पुस्तकालय जाने की आदत विकसित करने की सलाह दी। सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए समाचार पत्रों, विशेषकर संपादकीय पृष्ठ का नियमित अध्ययन करने का भी उन्होंने आग्रह किया।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों से प्रतिदिन स्वास्थ्य संबंधी लक्ष्य निर्धारित करने, आत्मनिर्भर बनने तथा दूसरों पर अनावश्यक निर्भरता से बचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी मनुष्य समान हैं और कोई भी जन्म से अच्छा या बुरा नहीं होता। व्यक्ति के विचार ही उसके व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से झिझक को दूर कर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने विद्यार्थियों से वर्तमान समय में उपलब्ध संसाधनों का स्मार्ट तरीके से उपयोग करते हुए कौशल एवं प्रतिभा की सही पहचान करने तथा उसी दिशा में निरंतर प्रयासरत रहने को प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को दूसरों से तुलना करने के बजाय स्वयं के विकास पर ध्यान केंद्रित करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी अपनी क्षमताओं को पहचान कर उन्हें निखारने का प्रयास करेंगे, तो वे न केवल अपने व्यक्तित्व का समग्र विकास सुनिश्चित कर सकेंगे, बल्कि भविष्य में देश और समाज के विकास में भी सार्थक योगदान देने में सक्षम होंगे।
राजेश धर्माणी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए आगामी 25 सितंबर तक आज से पाँच वर्ष बाद या दस वर्ष बाद वह स्वयं को किस स्थिति में देखना चाहते हैं विषय पर निबंध लिखने का भी कार्य दिया, ताकि वे अपने भविष्य के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण विकसित कर सकें। उन्होंने कहा कि सर्वश्रेष्ठ निबंध लिखने वाले विद्यार्थियों को आगामी सीर उत्सव में पुरस्कृत किया जाएगा।
इस अवसर पर उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका मंत्री ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया और उन्हें जीवन में निरंतर सीखने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा सफलता के लिए सतत प्रयासरत रहने का संदेश दिया।
उन्होंने काॅलेज प्रबंधन को विद्यार्थियों के लिए भविष्य में एक्सपोजर विजिट का आयोजन करने के भी निर्देश दिये ताकि वह दूसरे क्षेत्रों व स्थानों का भ्रमण कर जानकारी हासिल उनका ज्ञानवर्धन हो सके। साथ ही काॅलेज में विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न तरह के क्लब स्थापित करने को भी कहा, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा विकसित करने के अवसर प्राप्त हो सकें।
उन्होंने काॅलेज विद्यार्थियों की मांग पर मुख्य सड़क पर एक वर्षाशालिका निर्मित करने की भी घोषणा की।
इस मौके पर उन्होंने विद्यार्थियों को नशामुक्त हिमाचल अभियान के तहत नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई।
इससे पहले कॉलेज की प्राचार्य प्रो. रीता शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया।
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ई-ऑफिस के उपयोग में बिलासपुर जिला प्रदेश में प्रथम, 1.96 लाख से अधिक ई-ऑफिस गतिविधियां दर्ज
बिलासपुर, 19 अगस्त: उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर ने ई-ऑफिस के प्रभावी एवं व्यापक उपयोग में प्रदेशभर में प्रथम स्थान हासिल किया है। ई-ऑफिस उपयोग के आंकड़ों के अनुसार उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर में कुल 1,96,784 ई-ऑफिस गतिविधियां दर्ज की गईं, जिसके आधार पर बिलासपुर को प्रदेश के सभी जिला उपायुक्त कार्यालयों में ओवरऑल रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में डीसी ऑफिस बिलासपुर में 148 ई-फाइलें बनाई गईं, जबकि 3,876 ई-फाइलें मूव की गईं। इसी अवधि में 1,545 ई-रसीदें बनाई गईं तथा 1,91,215 ई-रसीदें मूव की गईं। इस प्रकार कुल ई-ऑफिस गतिविधियों की संख्या 1,96,784 रही।
ई-ऑफिस के उपयोग के मामले में बिलासपुर ने अन्य जिलों की तुलना में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की है। प्रदेश में डीसी ऑफिस शिमला 1,17,984 गतिविधियों के साथ दूसरे, डीसी ऑफिस मंडी 1,11,822 के साथ तीसरे, डीसी ऑफिस चंबा 59,522 के साथ चौथे तथा डीसी ऑफिस हमीरपुर 24,180 गतिविधियों के साथ पांचवें स्थान पर रहा।
ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से सरकारी कार्यालयों में फाइलों और पत्राचार की प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने में सहायता मिल रही है। डिजिटल माध्यम से फाइलों एवं ई-रसीदों की आवाजाही से कार्यों की निगरानी, समयबद्ध निस्तारण तथा कार्यालयी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलता है।
उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा ई-ऑफिस के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों में प्रथम स्थान प्राप्त करना जिला प्रशासन द्वारा डिजिटल कार्यप्रणाली को अपनाने तथा कार्यालयी कार्यों को अधिक दक्ष एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है।
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मैसर्ज टीवीएस सप्लाई चेन सॉल्यूशंस नालागढ़ ने अधिसूचित किए फलोर स्टाफ के 150 पद
जिला रोजगार कार्यालय बिलासपुर में 26 अगस्त को आयोजित होगा साक्षात्कार
बिलासपुर, 19 अगस्त: जिला रोजगार अधिकारी राजेश मेहता ने जानकारी देते हुए बताया कि मैसर्ज टीवीएस सप्लाई चेन सॉल्यूशंस लिमिटेड, नालागढ़ ने फलोर स्टाफ सपेयर पार्टस को सम्भालने के लिए 150 नियमित पदों के लिए जिला रोजगार कार्यालय बिलासपुर में 26 अगस्त को प्रातः 10 बजे से साक्षात्कार का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं, 12वीं पास या इससे अधिक तथा अभ्यर्थियों की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। चयनित अभ्यर्थियों को 14,300 रुपये मासिक वेतन के साथ ईपीएफ, ईएसआईसी, ओवरटाइम, दो समय निःशुल्क भोजन, दो समय निःशुल्क चाय तथा बस सुविधा प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी अपने सभी मूल प्रमाण पत्र, रोजगार कार्यालय का पंजीकरण कार्ड, एक्स-10, आधार कार्ड, दसवीं का प्रमाण पत्र, संबंधित शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट आकार के फोटो, बायोडाटा तथा अनुभव प्रमाण पत्र की प्रतियों सहित साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं।
इस बारे अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय, बिलासपुर के दूरभाष नंबर 01978-222450 अथवा नियोक्ता के मोबाइल नंबर 9217669490 पर संपर्क किया जा सकता है।
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तकनीकी शिक्षा मंत्री 20 अगस्त को ग्राम पंचायत कोटलू ब्राह्मणा में
बिलासपुर, 19 अगस्त: नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी 20 अगस्त को प्रातः 11 बजे विकास खंड घुमारवीं के अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटलू ब्राह्मणा में आयोजित नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। यह जानकारी आज यहां एक सरकारी प्रवक्ता ने दी।
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जकातखाना फिश लैंडिंग सेंटर का निदेशक मत्स्य पालन विभाग ने किया औचक निरीक्षण
क्लोज सीजन की समाप्ति के बाद मत्स्य गतिविधियों की समीक्षा, मछुआरों से किया सीधा संवाद
बिलासपुर, 19 अगस्त: मत्स्य पालन विभाग, हिमाचल प्रदेश के निदेशक एवं प्रारक्षी ओम कांत ठाकुर ने आज सहायक निदेशक मत्स्य चंचल ठाकुर तथा पंकज ठाकुर के साथ जकातखाना फिश लैंडिंग सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य क्लोज सीजन की समाप्ति के उपरांत मत्स्य गतिविधियों की समीक्षा करना रहा।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 16 अगस्त को क्लोज सीजन समाप्त होने के बाद मत्स्य गतिविधियां पुनः आरंभ हुई हैं। इसी क्रम में चौथे दिन जकातखाना फिश लैंडिंग सेंटर का निरीक्षण कर विभागीय अधिकारियों ने मौके पर मत्स्य गतिविधियों का जायजा लिया। जिला मुख्यालय बिलासपुर से लगभग 21 किलोमीटर दूर स्थित यह मत्स्य अवतरण केंद्र मत्स्य मंडल बिलासपुर के अधिकार क्षेत्र में आता है। केंद्र के दैनिक कार्यों के सुचारू संचालन एवं प्रबंधन के लिए विभाग द्वारा एक मत्स्य अधिकारी तथा दो फील्ड असिस्टेंट तैनात किए गए हैं, जो केंद्र की व्यवस्थाओं एवं कार्यप्रणाली की निगरानी करते हैं।
जकातखाना मत्स्य अवतरण केंद्र के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत 10 मत्स्य सहकारी सभाएं पंजीकृत हैं, जिनसे लगभग 792 मछुआरे जुड़े हुए हैं। ये मछुआरे मत्स्य पालन एवं मछली पकड़ने के माध्यम से अपनी आजीविका अर्जित करते हैं। पंजीकृत मछुआरों द्वारा पकड़ी गई विभिन्न प्रजातियों की मछलियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत फिश लैंडिंग सेंटर पर लाया जाता है। यहां मछली का उचित वजन एवं आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के उपरांत इसे अधिकृत मत्स्य ठेकेदार को सौंपा जाता है, जिसके माध्यम से समीपवर्ती बाजारों में मछली विक्रेताओं को इसकी आपूर्ति की जाती है।
निरीक्षण के दौरान निदेशक मत्स्य पालन ने उपस्थित मछुआरों से सीधा संवाद किया तथा उनके कार्यों, मत्स्य गतिविधियों और पेश आ रही व्यावहारिक समस्याओं के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इस सीजन में पिछले वर्ष की तुलना में विभिन्न प्रजातियों की मछलियों की आवक की स्थिति की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने मछली उत्पादन में हुई वृद्धि, विभिन्न प्रजातियों की उपलब्धता तथा उत्पादन से जुड़े तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं पर भी मछुआरों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया।
निदेशक ने विभागीय अधिकारियों को मत्स्य अवतरण केंद्र की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने तथा मछुआरों की व्यावहारिक समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मत्स्य गतिविधियों से जुड़े लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ मत्स्य संसाधनों का वैज्ञानिक एवं सतत उपयोग सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है।