चंडीगढ़-25.09.20-: नगर निगम चंडीगढ़ ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट बाय लॉज 2020 के लिए आम लोगों से राय मांगी थी और आज आखिरी दिन चंडीगढ़ कि समाज सेवी संस्था समस्या समाधान टीम ने नगर निगम को अपने सुझाव ईमेल से भेजें है। समस्या समाधान टीम के मनोज शुक्ला का कहना है कि हमने पहले भी पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को एक पत्र लिख कर अवगत करवाया था कि शहर में सब से ज्यादा प्लास्टिक प्रदूषण दूध की थैली से होता है क्योंकि हर रोज लाखों लोग इसका इस्तमाल करते है इसलिए हमने प्लास्टिक की थैली की बजाय कांच की बोतल में दूध बेचने या फिर दिल्ली की तर्ज पर दूध को मशीन के द्वारा बेचने के आदेश जारी करने का आग्रह किया हुआ है और अब नगर निगम कमिशनर को भी बाय लॉज 2020 में इस नियम को लागू करने का आग्रह किया है।
इस पर प्रवीन ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन ने चंडीगढ़ में एकल उपयोग प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए 27.09.2019 को एक अधिसूचना जारी की हुई है और अब 1.7.2020 को इसमें संशोधन करके प्रतिबंध सूची से तीन आइटम हटा दिए गए हैं। ये आईटम है प्लास्टिक रिफिल पाउच (500 मी.ली.), टेट्रा पैक के साथ लगी स्ट्रॉ (पाइप) और भोजन/स्नैक्स को ढकने के लिए प्रयोग होने वाले प्लास्टिक। तीनों चीजें शहर में प्लास्टिक प्रदूषण फैलाने के लिए जिम्मेवार है इसलिए हमने मांग की है कि इन तीनों आईटम के लिए प्रयोग होने वाले प्लास्टिक पर भी प्रतिबंध लगाया जाए और अगर सरकार इन तीनों आईटम को एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पांसिबिलिटी के अधीन ही रखना चाहती है तो निर्माता कम्पनियों को कोई तय समय सीमा देकर विकल्प प्रदान करने के लिए कहा जाए क्योंकि अभी तक इन निर्माता कंपनियों को कोई समय का प्रतिबंध नही है और ये धड़ले से प्लास्टिक प्रयोग करके प्रदूषण फैला रही है।

इस पर ओंकार सैनी का कहना है कि सरकार को प्रदूषण फैलाने वालों की शिकायत करने के लिए एक टोल फ्री नंबर और डिजिटल इंडिया के तहत मोबाइल ऐप बनाई जानी चाहिए। एक्शन लेने के लिए चंडीगढ़ को जोन में बांट कर क्विक रिएक्शन टीम का गठन भी करना चाहिए। सरकार को बार बार प्रदूषण फैलाने वाले लोगों पर सख्त कार्यवाही के तहत जुर्माना बढ़ाना चाइए और सजा का प्रावधान भी रखना चाहिए तभी हम सब को स्वच्छ वातावरण मिलेगा।