धर्मशाला, 19 फरवरी: आज शाहपुर के सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं आकाश अस्पताल, नई दिल्ली के सौजन्य से बहु विशेषज्ञ शल्य चिकित्सा शिविर का शुभारंभ शहरी विकास, आवास एवं नगर नियोजन मंत्री सरवीण चौधरी द्वारा किया गया।
उन्होंने बताया कि इस बार यह शिविर 19 फरवरी से 22 फरवरी तक लगाया जा रहा है जिसमें शल्य चिकित्सा, स्त्री रोग एवं स्त्री एवं पुरूष नसबंदी एवं बिना टांके के मोतियाबिंद के बिना टांके के आप्रेशन विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा किए जायेंगे। इसके अलावा पहली बार लेजर विधि द्वारा, बवासीर, हिमोराइड्स/फिशर इत्यादि के तथा पित की पत्थरी, हर्निया, एपैडिक्स इत्यादि के आप्रेशन दूरबीन विधि द्वारा किए जायेंगे। उन्होंने बताया कि यह सभी आप्रेशन निःशुल्क किए जायेंगे।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष यह शल्य चिकित्सा शिविर 11 जुलाई को आरम्भ किया गया था जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 562 मरीजों को इस शिविर में शल्य चिकित्सा का लाभ प्राप्त हुआ था जिसमें 201 सामान्य सर्जरी, 99 लघु सर्जरी, 40 गायनी एवं 62 सर्जरी आंखों के मरीजों की गई थी तथा 246 अल्ट्रासाउंड किए गए थे। उन्होंने कहा कि गत शिविर के दौरान किये गये सभी शल्य चिकित्सा आप्रेशनों के परिणाम बहुत ही सफल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को आधुनिक चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध करवाने के लिये प्रतिबद्व है। प्रदेश सरकार द्वारा ‘हिमकेयर’ तथा ‘सहारा’ जैसी अभिनव योजनायें आरंभ कर जरूरतमंद लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इस अवसर पर सरवीण चौधरी ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा कैंसर, अधरंग, मकुलर डिस्ट्रॉफी, थेलेसेमिया तथा पार्किन्सन जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की देखभाल के लिए ‘सहारा योजना’ आरम्भ की गई है। योजना के तहत रोगी को 2000 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अभी तक अपने हिम केयर योजना के पंजीकरण नहीं करवाए हैं, वह 31 मार्च, 2020 से पूर्व अपना पंजीकरण करवाकर इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर शुरू की गई हिम केयर योजना के तहत प्रति परिवार 5 लाख रुपए के निःशुल्क इलाज का प्रावधान है।
इस अवसर पर आकाशदीप अस्पताल दिल्ली के निदेशक विमर्श रैणा, एसडीएम जगन नाथ ठाकुर, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहन चौधरी, चिकित्सा अधीक्षक मीनाक्षी राय, आईपीएच के अधिशाषी अभियंता राजीव महाजन, दीपक अवस्थी, प्रीतम, अश्विनी सहित आशा वर्कर और स्थानीय लोग उपस्थित थे।