हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने प्रदेशवासियों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं

चंडीगढ़, 17 अगस्त - हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने प्रदेशवासियों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में सुख शान्ति, समृद्धि व खुशहाली की कामना की है और कहा है कि यह पर्व देश और प्रदेश में खुशहाली का नया दौर लेकर आया है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने पूरे विश्व में सबके कल्याण के लिए कार्य किया। इसलिए हम सभी को भी भगवान श्री कृष्ण के उपदेशों का अनुसरण करते हुए सबके कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए।
श्री दत्तात्रेय ने कहा कि कृष्ण जन्माष्टमी का यह पर्व भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन मनाया जाता है। भारत के साथ-साथ विश्व के अनेक देशों में बड़े हर्षोल्लास व धूमधाम से मनाया जाता है। विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं द्वारा भगवान श्री कृष्ण के जीवन परिचय से सम्बन्धित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। जिससे मानव मात्र को आदर्श जीवन-जीने की सीख मिलती है।

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प्रदेश में सभी उच्च शिक्षा संस्थान व तकनीकी विश्वविद्यालय व तकनीकी शिक्षण संस्थाएं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मानदण्डों के अनुरूप मूल्य आधारित शिक्षा के पाठ्यक्रम लागू करे जिससे विद्यार्थी चरित्रवान बनेगें:श्री बंडारु दत्तात्रेय

चण्डीगढ़ 17 अगस्त - हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारु दत्तात्रेय ने कहा कि प्रदेश में सभी उच्च शिक्षा संस्थान व तकनीकी विश्वविद्यालय व तकनीकी शिक्षण संस्थाएं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मानदण्डों के अनुरूप मूल्य आधारित शिक्षा के पाठ्यक्रम लागू करे जिससे विद्यार्थी चरित्रवान बनेगें। श्री दत्तात्रेय आज राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक श्री रमना रेड्डी से बात कर रहे थे। श्री रेड्डी शिष्टाचार मुलाकात करने पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि एनआईटी तकनीकी शिक्षा अनुसंधान के क्षेत्र में अच्छा कार्य किया है। इस संस्थान ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नए पेशेवरों और उद्यमियों को पैदा किया है। आज जरूरत है कि हमारे युवा चरित्रवान बनकर आने वाली पीढ़ी के लिए आदर्श बने। यह केवल मूल्य आधारित शिक्षा के ग्रहण करने से हो सकता है।
इस मुलाकात में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इस द्वारा तकनीकी शिक्षा के साथ मूल्य आधारित शिक्षा का पाठ्यक्रम तैयार करवाया गया, जिससे इसी सत्र में लागू किया जा रहा है। इसके साथ संस्थान द्वारा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मानदण्डों को भी लागू करने मे पहल शुरू की है। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा राष्ट्रीय महत्व के कई अनुसंधान क्षेत्रों में काम किया है। इनमें कृषि और शहरी मानचित्रण के लिए भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों का उपयोग, सडक़ और भवनों के निर्माण के लिए वैकल्पिक सामग्री, साइबर सुरक्षा, डेटाबेस और डेटा खनन, सामग्री विज्ञान और नैनो-प्रौद्योगिकी शामिल है। संस्थान में संकाय सदस्यों को भी एक दर्जन से भी अधिक पेटेंट दिए गए हैं और उन्होंने 25 और पेटेंट के लिए आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि एनआईटी के पास पूर्व छात्रों की एक समृद्ध सूची है, जिन्हें उनके संबंधित क्षेत्रों में अग्रणी माना जाता है। जोकि संस्था से शिक्षित है। एनआईटी के पूर्व छात्रों ने देश के विकास में किस तरह का योगदान दिया है। इन पूर्व छात्रों से संस्थान हर क्षेत्र में सहयोग ले रहा है। उन्होंने कहा कि आश्वत किया कि संस्थान में गुणवत्ता की तकनीकी शिक्षा के साथ छात्रों को मूल्य आधारित समाज से सरोकार कराती शिक्षा दी जाएगी, जिससे निश्चित रूप से विद्यार्थी तकनीकी विशेषज्ञ, व्यवसायिक और चरित्रवान विद्यार्थी निकलेगें।