चण्डीगढ़ 24 सितम्बर - केन्द्र सरकार ने इण्डियन साईन लैग्वेज (आई.एस.एल) को भाषा के रूप में मान्यता देकर बधिर लोगों के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रसस्त किया है। यह बात हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने हरियाणा वेलफेयर सोसाइटी फॉर पर्सन्स विद स्पीच एंड हियरिंग इम्पेयरमेंट के 50 वर्ष पूरे होने पर जारी संदेश में कही। एसोसिएशन द्वारा 20 से 26 सितम्बर तक बधिर जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। सप्ताह भर के दौरान विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों और गतिविधियों के माध्यम से आम-जन को बधिर लोगों के कल्याण के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने इस अवसर पर सभी बधिरजनों व सोसाइटी के पदाधिकारियों व सोसाइटी से जुड़े स्वयंसेवियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी।

उन्होंने आमजन से अपील की है कि सभी लोग सांकेतिक भाषा सीखें ताकि बधिर लोगों से जुड़कर उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ सकें। केन्द्र और राज्य सरकार ने दिव्यांगजनों के हितों को ध्यान में रखते हुए कईं कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जिनके तहत उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ माईक्रो लोन स्कीम से भी लाभान्वित किया जा रहा है। इसी प्रकार से सरकार द्वारा नौकरियों में दिए जाने वाले आरक्षण को भी 3 से 4 प्रतिशत बढ़ाया गया है। इतना ही नहीं सरकार द्वारा 18 वर्ष तक के स्कूल न जाने वाले दिव्यांगजनों को 1900 रूपये की मासिक वित्तीय सहायता दी जा रही है। दिव्यांगजनों के कल्याण से जुड़े अधिकारियों को चाहिए के वे सरकार द्वारा संचालित योजनों व कार्यक्रमों का लाभ हर दिव्यांग तक पहुंचना सुनिश्चित करें।
उन्होंने सरकारी-गैर सरकारी संगठनों और समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों से अपील की है कि वे दिव्यांग, बधिर, वंचित व जरूरतमंद लोगों के कल्याण के लिए आगे आएं। श्री दत्तात्रेय द्वारा राज्य सरकार कमजोर लोगों के सम्रग विकास के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और मूल्य प्रणाली में सभी मनुष्यों के लिए जाति, वर्ग व धर्म के लोगों के लिए सुखी जीवन व्यतीत करने पर जोर दिया गया है। इसलिए हम सब की जिम्मेवारी बनती है कि भारतीय संस्कृति के अनुरूप कार्य करते हुए इन लोगों के कल्याण के लिए आगे आएं।