सोलन-दिनांक 01.12.2019-वन, परिवहन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि डॉ. यशवन्त सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, सोलन को विश्वविद्यालय में पारिस्थितीकीय पर्यटन परियोजना की दिशा में कार्य करना चाहिए। गोविंद सिंह ठाकुर आज डॉ. यशवन्त सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, सोलन के 35वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे।
गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पारिस्थितीकीय पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। वानिकी गतिविधियों का केंद्र होने के कारण यह विश्वविद्यालय इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर सकता है। उन्होंने कहा कि वन विभाग और विश्वविद्यालय में इस दिशा में संयुक्त रूप से कार्य करना होगा। स्थापित होने पर यह परियोजना विश्वविद्यालय के लिए आर्थिक दृष्टि से अत्यन्त लाभदायक सिद्ध हो सकती है। प्रदेश सरकार इस दिशा में विश्वविद्यालय को पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।
वन मंत्री ने कहा कि यह विश्वविद्यालय प्रदेश में बागवानी एवं वानिकी की दिशा में अनुसंधान के माध्यम से मील का पत्थर साबित हुआ है। उन्होंने युवा वैज्ञानिकों को सलाह दी कि वे अपने ज्ञान को क्षेत्रीय स्तर तक पहुंचाएं ताकि किसान एवं बागवान इससे लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि हाल ही में विश्वविद्यालय द्वारा बिरोजा निकालने के लिए विकसित बोर होल प्रणाली इस दिशा में महत्वपूर्ण पग है।
गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में बाह्य सहायता प्राप्त एवं विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित अनेक परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इनमें से अनेक परियोजनाएं कृषि, बागवानी एवं वानिकी गतिविधियों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भविष्य में यह सुनिश्चित बनाएगी कि इन परियोजनाओं में विश्वविद्यालय की भागीदारी हो। ऐसी सभी बैठकों में विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकांे उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्हांेने कहा कि इस विश्वविद्यालय का आईसीआर रैकिंग में 12वां स्थान है। उन्होंने इसे सराहनीय बताते हुए रैकिंग में और सुधार लाने का प्रयास करने का आग्रह किया।
गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि विश्वविद्यालय को प्राकृतिक खेती को लोकप्रिय बनाने की दिशा मंे कार्य करना होगा ताकि किसान की आर्थिकी को संबल प्रदान कर लोगों को सुरक्षित कृषि एवं बागवानी उत्पादन उपलब्ध करवाएं जा सकें।
उन्होंने विश्वविद्यालय में खेल मैदान के लिए एक करोड़ रूपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में हॉकी खेल के लिए एस्टो टर्फ मैदान स्थापित करने का मामला केंद्र सरकार से उठाया जाएगा। उन्होंने युवाओं से फिट इंडिया मूवमेंट में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने तथा नशे से दूर रहने का आह्वान किया।
परिवहन मंत्री ने इस अवसर पर सभी से आग्रह किया कि यातायात नियमों का पूर्ण पालन करें और प्रदेश में दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रदेश सरकार के प्रयासों में सहभागी बनें।
गोविंद सिंह ठाकुर ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय की पांच पुस्तकों का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तथा कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकण्डा के वीडियो बधाई संदेश भी दिखाए गए।
गोविंद सिंह ठाकुर ने इस अवसर पर इस विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त विभूतियों को सम्मानित किया। उन्होंने भारतीय वन सेवा के विवेक आचार्य, भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी एवं वर्तमान में पुलिस अधीक्षक मण्डी गुरदेव शर्मा, प्रदेश प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. अश्वनी शर्मा, बेयर कॉरपरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रवीण शर्मा, पेस्टिसाइड इंडिया के उपाध्यक्ष डॉ. विश्वनाथ गाडे़, आईपी सोल्यूशन्स की संस्थापक एवं सीईओ बिन्दू शर्मा को सम्मानित किया।
सोलन के विधायक डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने छात्रों का आह्वान किया कि वे जल संरक्षण की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र अपने अनुभवों को खेतों तक पहुंचाए ताकि कृषि क्षेत्र को और सुदृढ़ किया जा सके।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. परविंद्र कौशल ने कहा कि विश्वविद्यालय पौधों के रूट स्टॉक और बीज की मांग को पूरा करने के लिए प्रयासरत है। उन्हांेने कहा कि विश्वविद्यालय में 85 लाख रुपये की लागत से प्रशिक्षण एवं कौशल विकास केंद्र स्थापित किया गया है। यह केंद्र कृषकों के लिए अत्यन्त लाभदायक सिद्ध हुआ है।
इस अवसर राज्य खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम गुलेरिया, जिला परिषद सदस्य शीला, भाजपा जिला महामंत्री नरेंद्र ठाकुर, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विवेक चंदेल, कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के डॉ. अशोक कुमार सरयाल, डॉ. यशवन्त सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, सोलन के पूर्व कुलपति डॉ. एचसी शर्मा, डॉ. जगमोहन सिंह, शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति पीके खोसला सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्र उपस्थित थे।
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