CHANDIGARH, 28.09.26-हरियाणा में हर साल धान की अगेती फसल सितंबर मध्य तक आ जाती है लेकिन केंद्र सरकार की ओर से आम तौर पर समर्थन मूल्य पर धान की खरीद एक अक्टूबर से शुरू की जाती है।आम तौर पर किसान सितंबर मध्य से ही धान की तैयार फसल लेकर मंडी में पहुंचना शुरू कर देते है।किसान को फसल बेचकर और भुगतान लेकर कई चुकारा करने होते है।किसान को अगली फसल की तैयारी भी करना होती है।लेकिन केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित तिथि से धान खरीद का इंतजार करने के अलावा उसके समक्ष कोई चारा नहीं होता।अगर जल्दी खरीद की मांग को लेकर कोई आंदोलन का रुख करता है तो किसान हितैषी होने का दावा करने वाली सरकार के इशारे पर लाठी चलाती है और उधर मुख्यमंत्री किसान हितैषी होने का दावा करते नहीं थकते।सत्तारूढ़ भाजपा की हरियाणा में लगातार तीसरी बार की सरकार के मुख्यमंत्री लगातार यह भी दावा करते जाते है कि हरियाणा में ट्रिपल इंजन की सरकार तेज गति से काम कर रही है। यह तेज गति का दावा धरातल पर क्यों नहीं आ रहा।लेकिन भाजपा ने लंबे समय सत्ता में रहने के लिए रणनीति अपना ली है कि धरातल पर आए या न आए दावा करते रहना है।आगे पदोन्नति और सेवानिवृति के बाद पद और वेतन पाने का सपना संजोए नौकरशाही भी साथ दे रही है।
हरियाणा की मंडियों में हर साल सितंबर के आखिरी हफ़्ते से धान की आवक (फसल का पहुँचना) शुरू हो जाती है, जबकि आधिकारिक सरकारी खरीद आमतौर पर 1 अक्टूबर से शुरू होती है।आवक का समय: सितंबर के मध्य या अंतिम सप्ताह से ही धान की अगेती व कम अवधि वाली किस्में मंडियों में पहुँचने लगती हैं।लेकिन धान की सरकारी खरीद खरीफ विपणन सत्र के तहत निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 अक्टूबर से शुरू होती है, जो नवंबर के मध्य तक चलती है।करीब पंद्रह दिन के फासले में किसान समर्थन मूल्य से कम दाम में धान बेच जाने को मजबूर होता है।
आवक शुरू होते ही मंडियों में किसानों के लिए गेट पास काटने और फसल के रखरखाव की प्रक्रिया प्रशासन द्वारा चालू कर दी जाती है। हरियाणा के अनाज मंडियों में धान की आवक तेज हो गई है.। कुरुक्षेत्र और आसपास के इलाकों में कम अवधि वाली धान की कुछ किस्में अपेक्षाकृत जल्दी तैयार हो जाती हैं। : वर्ष 2026-27 के खरीफ विपणन सीजन के लिए सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2,441 प्रति क्विंटल और ग्रेड 'ए' धान का समर्थन मूल्य ₹2,461 प्रति क्विंटल तय किया गया है। सरकार ने पिछले वर्ष की तुलना में इसमें ₹72 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है।खरीफ सीजन 2026-27 में धान की सरकारी खरीद के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। धान की जल्दी सरकारी खरीद शुरू करने की मांग को लेकर 22 सितंबर 2026 को किसानों ने एनएच-44 (जीटी रोड) पर विरोध प्रदर्शन किया था।किसान मंडियों में धान की सरकारी खरीद समय से पहले (1 अक्टूबर से पहले) शुरू करने की मांग कर रहे थे।हाईवे जाम करने पर पुलिस ने पानी की बौछार (वाटर कैनन), आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी सहित कुछ किसानों को हिरासत में भी लिया गया था।lप्रशासन और किसानों के बीच बैठक के बाद सहमति बन गई, जिसके बाद 23-24 सितंबर को किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। प्रशासन ने मंडियों में फसल लाने, गेट पास और तौल को लेकर मांगें मान लीं।