बिलासपुर, 19 सितंबर: जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की समीक्षा बैठक आज बचत भवन, बिलासपुर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सांसद (लोकसभा) अनुराग सिंह ठाकुर ने की। बैठक में विभिन्न विभागों के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों तथा कार्यान्वयन की समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में विधायक रणधीर शर्मा, जीत राम कटवाल, त्रिलोक जम्वाल भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर सांसद अनुराग ठाकुर ने अधिकारियों को केंद्र सरकार प्रायोजित विभिन्न योजनाओं और विकास परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना की सफलता केवल शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने से नहीं आंकी जानी चाहिए, बल्कि वास्तविक लाभ अंतिम लाभार्थी तक पहुंचा है या नहीं तथा लोगों के जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव आया है, यह देखना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से विभागवार योजनाओं की उपलब्धियों के साथ-साथ वास्तविक प्रभाव का भी विश्लेषण करने को कहा।
भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेलवे परियोजना की समीक्षा करते हुए सांसद ने आरवीएनएल को निर्देश दिए कि परियोजना के निर्माण कार्य के कारण स्थानीय लोगों को हो रही समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। डंपिंग, कीचड़, सड़कों की खराब स्थिति और स्थानीय आवागमन में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए ठेकेदारों को स्पष्ट रूप से जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने रेलवे परियोजना को दिसंबर 2027 तक पूरा करने के लक्ष्य की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना की प्रगति की मासिक आधार पर निगरानी की जाए और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इसके साथ ही बैरी तक प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा करने के लिए रेलवे अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा।
राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अनुराग ठाकुर ने निर्माण की गुणवत्ता, कार्य की गति, सड़क सुरक्षा, दुर्घटनाओं और भूस्खलन जैसे विषयों पर गंभीरता से ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में जनता का हित सर्वाेच्च प्राथमिकता होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माणाधीन नई सड़कों के साथ पुरानी सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान स्थानीय लोगों के पुराने संपर्क मार्ग बंद नहीं होने चाहिए। पेयजल पाइपलाइनों और अन्य बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की स्थिति में तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का उद्देश्य लोगों की सुविधाओं में वृद्धि करना है, न कि उनकी रोजमर्रा की समस्याओं को बढ़ाना है।
लोक निर्माण विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए सांसद अनुराग ठाकुर ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत स्वीकृत और निर्माणाधीन कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध खनन और नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता पर भी बल देते हुए कहा कि अवैध खनन से न केवल प्राकृतिक संसाधनों का नुकसान हो रहा है, बल्कि सड़कों और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने आपदा के जोखिम को बढ़ाने वाले कारकों पर भी गंभीरता से ध्यान देने तथा संबंधित विभागों को अवैध खनन के विरुद्ध सख्त और निरंतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
नशे की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ पुलिस और प्रशासन नशे के नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने इस संदर्भ में समाज और प्रशासन को मिलकर सक्रिय रूप से काम करने तथा प्रभावी सूचना तंत्र और स्थानीय स्तर पर फीडबैक व्यवस्था को मजबूत करने पर बल दिया।
कृषि, बागवानी, मत्स्य तथा पशुपालन विभागों की समीक्षा करते हुए सांसद ने कहा कि विभागों को केवल योजनाओं पर हुए खर्च या निर्धारित लक्ष्य की उपलब्धि तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने विभागों से ‘समग्र सरकारी दृष्टिकोण अपनाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि विभागों को अलग-अलग काम करने के बजाय आपसी समन्वय से योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास, बैंकिंग, आरसेटी, उद्योग से जुड़े विभागों को युवाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर सृजित करने तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों को कौशल, बैंकिंग, उद्योग और बाजार से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए सांसद ने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत ज़िला में केवल 62 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त पंचायतें घोषित हुई है। उन्होंने अधिक पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायतें बनाने पर जोर दिया। साथ ही अधिकारियों को लाइफ़ स्टाइल के कारण होने वाली बीमारियों के प्रति स्कूलों, कॉलेजों तथा ग्राम पंचायतें में व्यापक जन जागरूकता लाने पर भी जोर दिया। बैठक में एम्स बिलासपुर से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा विभिन्न मामलों को लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों को जल्द हल करने के निर्देश दिये ताकि संस्थान के सुचारू संचालन में सुविधा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने एम्स के नज़दीक राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिक्रमण पर कार्रवाई करने तथा पार्किंग के समाधान को लेकर उचित कदम उठाने के निर्देश दिए।
जल शक्ति विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत 37 स्वीकृत योजनाओं में से 24 को पूरा कर लिया गया है जबकि प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से तीन योजनाओं को पूर्ण कर लिया गया है, जबकि 3 परियोजनाओं की प्रक्रिया प्रगति पर है। उन्होंने लंबित योजनाओं को समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिये। इसी तरह प्रधानमंत्री सूर्या घर-मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत जिला बिलासपुर में 1525 परियोजनाओं को पूर्ण कर लिया गया है। साथ ही जिला में लगभग 31 हजार स्मार्ट मीटर स्थापित किये जा चुके हैं। उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर संबंधित विभागों को पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से व्यापक जन जागरूकता लाने पर भी बल दिया ताकि लोगों में स्मार्ट मीटर को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर किया जा सके।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी एवं ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन, वीबी राम जी, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मिड-डे-मील योजना सहित अन्य विभागों के अंतर्गत किए गए कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।
इससे पहले उपायुक्त राहुल कुमार ने सांसद का स्वागत किया तथा दिशा बैठक को लेकर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
बैठक में उपायुक्त राहुल कुमार के अतिरिक्त जिला परिषद अध्यक्ष लेख राम, अतिरिक्त उपायुक्त रूपिंदर कौर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे।