धर्मशाला, 4 सितंबर : उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए टेस्ट आधारित चयन प्रक्रिया लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने इस पहल के लिए प्रदेश के सभी युवाओं को बधाई देते हुए इसे युवाओं के हित में एक ऐतिहासिक और स्वागत योग्य कदम बताया।
कांगड़ा एयरपोर्ट पहुंचने पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए केवल सिंह पठानिया ने कहा कि लंबे समय से प्रदेश के युवा भर्ती प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और समान अवसर की अपेक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में लेक्चरर तथा असिस्टेंट प्रोफेसर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती प्रक्रिया में अब टेस्ट आधारित चयन को प्राथमिकता दिए जाने से योग्य एवं प्रतिभावान युवाओं को अपनी योग्यता साबित करने का बेहतर अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि टेस्ट आधारित चयन प्रक्रिया से भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा युवाओं में यह विश्वास मजबूत होगा कि सरकारी एवं विश्वविद्यालयों से संबंधित महत्वपूर्ण पदों पर चयन योग्यता और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े और उन्हें अपने ही प्रदेश में बेहतर अवसर उपलब्ध हों, इसके लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
उप मुख्य सचेतक ने कहा कि आज वे दिल्ली में संगठनात्मक बैठक में शामिल होने गए थे। बैठक में संगठन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय के साथ जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के लोगों से जुड़े विकास कार्यों को गति देना तथा जनहित में लिए गए निर्णयों का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
कांगड़ा एयरपोर्ट के विकास और विस्तारीकरण को लेकर केवल सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदेश सरकार एयरपोर्ट के विकास कार्यों को गति देने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा एयरपोर्ट हिमाचल प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है और इसके विस्तारीकरण से न केवल कांगड़ा बल्कि पूरे प्रदेश में पर्यटन, व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट के विकास एवं विस्तारीकरण से जुड़े कार्यों पर लगभग 4 हजार करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। परियोजना के तहत विभिन्न स्तरों पर कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और कई महत्वपूर्ण कार्य अंतिम चरण में हैं। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट का विस्तार प्रदेश की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में प्रदेश में हवाई संपर्क और अधिक बेहतर होगा।
उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से देश के विभिन्न हिस्सों से हिमाचल आने वाले पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। इससे पर्यटन कारोबार को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों, होटल एवं होम-स्टे संचालकों, टैक्सी ऑपरेटरों, व्यापारियों तथा अन्य पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने एयरपोर्ट विकास एवं विस्तारीकरण की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तारीकरण परियोजना महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ इससे प्रभावित परिवारों से जुड़ी संवेदनशील परियोजना भी है। प्रदेश सरकार प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पात्र परिवारों को नियमानुसार उनके अधिकार एवं लाभ प्राप्त हों।
उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट विस्तारीकरण परियोजना से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा प्रदान करने के साथ-साथ पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (आर एंड आर) का लाभ भी दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि परियोजना से प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें निर्धारित नियमों के अनुरूप सभी देय लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाए जाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो पात्र परिवार अभी आर एंड आर लाभ से शेष हैं, उन्हें भी नियमानुसार पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन का लाभ प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के हितों और उनके अधिकारों की भी पूरी तरह रक्षा कर रही है।
उप मुख्य सचेतक ने कहा कि कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तारीकरण आने वाले समय में क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इससे क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा होंगी और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और जनहित के बीच संतुलन कायम रखते हुए प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।