चंडीगढ़, 20 अगस्त 2026: चंडीगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लंबे समय से लंबित महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान को लेकर लघु उद्योग भारती, चंडीगढ़ इकाई के अध्यक्ष अवी भसीन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जनता दरबार में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया जी से मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल ने उद्योग जगत के चार प्रमुख मुद्दों का ज्ञापन राज्यपाल महोदय को सौंपते हुए इन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल करवाने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि ये सभी मुद्दे उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़े हैं और राज्यपाल महोदय के मार्गदर्शन में स्थानीय प्रशासन के स्तर पर हल किए जा सकते हैं।

ज्ञापन में प्रमुख रूप से:

1. इंडस्ट्री सपोर्ट सर्विसेज की अनुमति – औद्योगिक क्षेत्र में मिल स्टोर, स्टील/स्टेनलेस स्टील/एल्युमिनियम शीट सप्लायर, पाइप सप्लायर, हार्डवेयर एवं अन्य आवश्यक औद्योगिक सप्लायरों को अनुमति देने की मांग की गई।

2. Factory Outlets की अनुमति – स्थानीय निर्माताओं को अपने स्वयं के निर्मित उत्पादों का प्रदर्शन एवं सीधे ग्राहकों को बिक्री करने की अनुमति देने का आग्रह किया गया। इससे स्थानीय उद्योगों को मजबूती मिलेगी तथा “Vocal for Local” और “Atmanirbhar Bharat” को बढ़ावा मिलेगा।

3. ऑटोमोबाइल सेक्टर को पूर्ण सेवाओं की अनुमति – औद्योगिक क्षेत्र में सर्विस, रिपेयर, स्पेयर पार्ट्स एवं विशेष रूप से Accessories Fitting सहित अन्य संबद्ध गतिविधियों की अनुमति देने की मांग रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इन गतिविधियों के लिए पर्याप्त जगह की आवश्यकता होती है, जो सेक्टर मार्केट में उपलब्ध नहीं है।

4. Unearned Charges को तर्कसंगत करना – प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि अधिकांश औद्योगिक प्लॉट वर्ष 1972 में 99 वर्ष की लीज पर आवंटित किए गए थे और लगभग 50% लीज अवधि पूरी हो चुकी है। Collectorate Rates से जुड़े अत्यधिक Unearned Charges को कम करने से उद्योगों की एक बड़ी Title-related समस्या का समाधान हो सकता है।

अवी भसीन ने कहा कि लघु उद्योग भारती ने अनेक विषयों में से चार सबसे महत्वपूर्ण और व्यावहारिक मुद्दों को प्राथमिकता के साथ राज्यपाल महोदय के समक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि ये मांगें किसी अतिरिक्त व्यावसायिक सुविधा के लिए नहीं, बल्कि चंडीगढ़ के मौजूदा उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जुड़ी हैं।

उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों के लिए स्टोरेज, मशीनरी, वाहनों, डिस्प्ले तथा लोडिंग-अनलोडिंग के लिए पर्याप्त स्थान चाहिए, जो सेक्टर मार्केट में उपलब्ध नहीं है। इसलिए औद्योगिक क्षेत्र में इन सुविधाओं को अनुमति देना उद्योगों के साथ-साथ शहर की व्यवस्था के लिए भी लाभकारी होगा।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल महोदय से संबंधित विभागों एवं अधिकारियों के साथ इन मुद्दों की समीक्षा कर स्थानीय स्तर पर प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

प्रतिनिधिमंडल में अवी भसीन, अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती, चंडीगढ़; राम कुमार गर्ग; प्रदीप मोंगिया, अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती, पंजाब; तथा सुरेश जैन शामिल रहे।