चंडीगढ़, 13 अगस्त। हरियाणा में विद्यार्थियों की आवाज बुलंद करने के लिए जननायक जनता पार्टी के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने नई कवायद शुरू की हैं। वे छात्र राजनीति से जुड़े सभी संगठनों को एकजुट करने की कोशिश में जुट गए हैं। दिग्विजय ने कहा कि विद्यार्थियों के विषयों पर सभी को मिलकर सरकार के खिलाफ लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन से यह सीखना चाहिए कि जब सभी छात्र संगठन एक मंच पर एकजुट हुए तो भाजपा सरकार को झुकना पड़ा और छात्रों के मुद्दों पर युवाओं की ऐतिहासिक जीत हुई। भिवानी में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान दिग्विजय चौटाला ने आह्वान करते हुए कहा कि छात्रों के मुद्दों को लेकर सामूहिक छात्र संघर्ष समिति का गठन होना चाहिए और इसके लिए वे सभी छात्र संगठनों से बातचीत करेंगे।

दिग्विजय चौटाला ने कहा कि आज देश की दिशा व दशा को जैन-जी बदल सकते है और ऐसे में जेजेपी की छात्र इकाई इनसो ने सामूहिक छात्र संघर्ष समिति के माध्यम से एनएसयूआई, एसएफआई, एबीवीपी सहित सभी छात्र संगठनों को एक मंच लाने का फैसला लिया है ताकि प्रत्यक्ष रूप से छात्र संघ चुनाव बहाली, समान फीस के लिए फीस रेगुलेटरी बोर्ड का गठन, टीचिंग व नॉन टीचिंग के खाली पदों को भरे जाने, शिक्षण संस्थानों के भगवाकरण पर रोक, समय पर परीक्षा परिणाम घोषित होने सहित अनेक मांगों को छात्र हित में पूरा करवाया जा सके।

जेजेपी युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने कहा कि वे खुद एमए राजनीति शास्त्र के कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्र हैं। वे खुद अपने विश्वविद्यालय की हर कक्षा, कैंटीन व प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में जाकर ऐसे लोगों का नेतृत्व तैयार करेंगे, जो प्रदेश में छात्र हितों के लिए आगे बढ़े तथा छात्रों की मांगें पूरी होने तक इसे आंदोलन का रूप दे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सामूहिक छात्र संघर्ष समिति का नेतृत्व का फैसला सामूहिक संघर्ष समिति बनने के बाद उसके डेलीगेट मेंबर पर निर्भर करेगा और यह नेतृत्व जरूरी नहीं इनसो से जुड़ा कोई नेता हो, अन्य दलों की छात्र इकाई का भी हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में जितने भी छात्र संगठन है, उनकी मांगे लगभग समान है, ऐसे में सभी छात्र संगठनों को एक मंच पर आकर विद्यार्थियों की लड़ाई लड़नी चाहिए।