मुलथान क्षेत्र के नागरिकों के लिए 17 से 31 अगस्त उपलब्ध रहेगी स्व-गणना की सुविधा

धर्मशाला, 13 अगस्त: उपायुक्त एवं प्रधान जनगणना अधिकारी जिला कांगड़ा हेमराज बैरवा ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना 2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना है, जिसे दो चरणों में संचालित किया जा रहा है। इस अभियान में मोबाइल ऐप आधारित डेटा संग्रहण के साथ-साथ नागरिकों के लिए स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है।

जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकानों की सूचीकरण एवं आवास जनगणना का कार्य हिमाचल प्रदेश में 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक पूरा किया जा चुका है। इस चरण में घरों में उपलब्ध सुविधाओं तथा आवास की स्थिति से संबंधित जानकारी एकत्रित की गई।

जनगणना के दूसरे चरण में जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा। जिला कांगड़ा के हिमाच्छादित क्षेत्रों, विशेषकर मुलथान तहसील में जनसंख्या गणना का कार्य 1 से 30 सितंबर 2026 तक पूरा किया जाएगा। वहीं जिला कांगड़ा के अन्य क्षेत्रों में जनसंख्या गणना का कार्य फरवरी 2027 के दौरान संपन्न किया जाएगा।

मुलथान क्षेत्र के नागरिकों के लिए स्व-गणना की सुविधा 17 से 31 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रहेगी। नागरिक इस अवधि के दौरान सुरक्षित आॅनलाइन माध्यम से se-snowbound.census.gov.in पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं।

स्व-गणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद नागरिक को एसईआईडी प्राप्त होगी। यह आईडी जनगणना कर्मी द्वारा घर-घर जाकर किए जाने वाले डेटा संग्रहण के दौरान जानकारी के सत्यापन के लिए साझा करनी होगी।

उपायुक्त ने मुलथान क्षेत्र के सभी निवासियों से अपील की है कि वे स्व-गणना प्रक्रिया में अधिक से अधिक भाग लें और जनगणना कार्य को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें। उन्होंने जिलावासियों से जनगणना अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक सहयोग देने का भी आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 देश की जनसंख्या से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े तैयार करने का आधार है। अतः सभी नागरिक सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाकर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।