बिलासपुर, 10 अगस्त: जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में सोमवार को रोगी कल्याण समिति, क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर की गवर्निंग बॉडी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश सरकार में नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने की। बैठक में क्षेत्रीय अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने, मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध करवाने, आधुनिक मशीनरी एवं उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
वर्ष 2026-27 में 269 लाख रुपये की अनुमानित आय और 319 लाख रुपये का प्रस्तावित व्यय
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए रोगी कल्याण समिति की प्रस्तावित आय एवं व्यय पर चर्चा की गई। समिति को वर्ष के दौरान लगभग 269 लाख रुपये की अनुमानित आय होने का अनुमान है, जबकि विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं एवं अस्पताल की आवश्यकताओं पर करीब 319 लाख रुपये का प्रस्तावित व्यय किया जाएगा। अनुमानित आय में रक्त बैंक शुल्क, एंबुलेंस सेवाएं, विशेष वार्ड, दुकानों से प्राप्त किराया, दंत चिकित्सा सेवाएं तथा अन्य मदों से होने वाली आय शामिल है। प्रस्तावित व्यय कर्मचारियों के वेतन, मशीनरी एवं उपकरणों की मरम्मत, स्वच्छता व्यवस्था, बिजली, आवश्यक सामग्री, भवन मरम्मत तथा अन्य अस्पताल संबंधी आवश्यकताओं पर किया जाएगा।
अस्पताल को 91 लाख रुपये के आधुनिक चिकित्सा उपकरण होंगे उपलब्ध
बैठक में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के माध्यम से क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में आवश्यक मशीनरी एवं उपकरणों की खरीद के लिए 91 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध करवाने के लिए तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी तथा जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया गया। इस धनराशि से अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे, जिससे मरीजों की जांच एवं उपचार सुविधाओं को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
डीएमएफटी के तहत उपलब्ध करवाई गई धनराशि में अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए 18 लाख रुपये, ऑप्थैल्मिक एनडी याग लेजर मशीन के लिए 15 लाख रुपये, मौजूदा ऑपरेशन थिएटर में विद्युत कार्य के लिए 6 लाख रुपये, सी-आर्म मशीन के लिए 20 लाख रुपये, आर्थ्रोस्कोपी सेट के लिए 2 लाख रुपये, फेको इमल्सीफिकेशन मशीन के लिए 20 लाख रुपये, आई टेबल के लिए 5 लाख रुपये तथा नवजात शिशुओं की जांच के लिए प्रोब सहित चार पैरा मॉनिटर के लिए 6 लाख रुपये शामिल हैं।
इन उपकरणों की उपलब्धता से क्षेत्रीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, नेत्र रोगों के उपचार, ऑपरेशन थिएटर, हड्डी एवं जोड़ संबंधी उपचार तथा अन्य आवश्यक चिकित्सा सेवाओं को मजबूती मिलेगी। आधुनिक मशीनरी उपलब्ध होने से मरीजों को बेहतर जांच एवं उपचार सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी और उन्हें उपचार के लिए अन्य बड़े अस्पतालों का रुख कम करना पड़ेगा।
न्यूनतम सेवा शुल्क में मामूली वृद्धि पर समिति की सहमति
बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं के न्यूनतम सेवा शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया, जिस पर समिति ने सहमति व्यक्त की। मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि पिछले करीब दस वर्षों से रोगी कल्याण समिति की बैठकों में इन सेवा शुल्कों में कोई वृद्धि नहीं की गई थी। अब विभिन्न जांच एवं स्वास्थ्य सेवाओं के अनुसार न्यूनतम शुल्क में मामूली वृद्धि की जा रही है, जिसमें कई सेवाओं के शुल्क में कम से कम पांच रुपये की वृद्धि की गई है।
आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की आवश्यक जांच निःशुल्क करने के निर्देश
मंत्री राजेश धर्माणी ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि ऐसे मरीज जो आवश्यक जांच अथवा स्वास्थ्य सेवा के लिए निर्धारित शुल्क देने में असमर्थ हैं, उनके लिए निःशुल्क जांच की व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू की जाए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की संस्तुति के आधार पर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को आवश्यक जांच एवं सेवाएं बिना शुल्क उपलब्ध करवाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल आर्थिक असमर्थता के कारण किसी मरीज को आवश्यक जांच या उपचार से वंचित नहीं होना चाहिए।
सीवरेज और शौचालयों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश
मंत्री ने क्षेत्रीय अस्पताल की सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अस्पताल प्रशासन तथा जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल परिसर की पूरी सीवरेज व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक सुधार कार्य करवाने को कहा। इसके साथ ही अस्पताल के सभी शौचालयों की नियमित एवं बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपचार के साथ मरीजों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध करवाना भी प्राथमिकता होनी चाहिए।
क्षेत्रीय अस्पताल में बढ़ेगी डायलिसिस मशीनें
बैठक में क्षेत्रीय अस्पताल में डायलिसिस के लिए आने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या पर भी चर्चा की गई। सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने डायलिसिस सुविधा को और बेहतर बनाने के संबंध में विभिन्न सुझाव दिए। मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि जिले में डायलिसिस की आवश्यकता वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है, इसलिए क्षेत्रीय अस्पताल में अतिरिक्त डायलिसिस मशीनें उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025 में क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में 41 मरीजों के 3,732 डायलिसिस सत्र किए गए, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 40 मरीजों के 1,272 डायलिसिस सत्र किए जा चुके हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंत्री ने अस्पताल प्रशासन को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त डायलिसिस मशीनें उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। डायलिसिस के लिए आने वाले मरीजों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने के विषय पर भी बैठक में चर्चा की गई।
मंत्री ने कहा कि भविष्य में जिला स्तर के आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में भी ऐसी व्यवस्थाएं विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि मरीजों का पूरा दबाव क्षेत्रीय अस्पताल पर न पड़े और उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों में भी आवश्यक उपचार एवं सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
रक्तदाताओं को अब 150 रुपये तक का बेहतर किट
बैठक में स्वैच्छिक रक्तदाताओं को उपलब्ध करवाए जाने वाले किट की राशि बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। पहले रक्तदान के बाद करीब 30 रुपये की लागत से दूध, जूस अथवा अन्य सामग्री उपलब्ध करवाई जाती थी। अब इसे बढ़ाकर 150 रुपये किया गया है, ताकि रक्तदाताओं को बेहतर एवं पौष्टिक किट उपलब्ध करवाया जा सके। इससे स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करने में भी मदद मिलेगी।
क्षेत्रीय अस्पताल में ही होंगे अधिकांश पोस्टमार्टम
बैठक में सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों की अनुपलब्धता अथवा देरी के कारण मृतकों के परिजनों को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री राजेश धर्माणी ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर अधिकांश पोस्टमार्टम क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में ही किए जाएं। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक को संबंधित डॉक्टरों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करने को कहा, ताकि मृतकों के परिजनों को अनावश्यक परेशानी और लंबे इंतजार का सामना न करना पड़े।
बैठक में श्री नैना देवी और झंडूता अस्पतालों में भी पोस्टमार्टम की सुविधा विकसित करने पर सहमति बनी। मंत्री ने उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार को इस संबंध में जल्द आवश्यक एवं ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी परिवार ने अपने परिजन को खोया है तो वह पहले ही दुख की स्थिति में होता है, ऐसे में उसे पोस्टमार्टम जैसी आवश्यक प्रक्रिया के लिए अनावश्यक परेशानी या लंबे इंतजार का सामना नहीं करना पड़ना चाहिए।
पहली बार कायाकल्प पुरस्कार से सम्मानित हुआ क्षेत्रीय अस्पताल
बैठक में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए.के. सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर को पहली बार कायाकल्प पुरस्कार 2025-26 प्राप्त हुआ है। उन्होंने इसे अस्पताल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध करवाने के साथ-साथ विभिन्न व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है।
पंचायतों में प्रदर्शित होगा क्यूआर कोड, घर बैठे होगा ओपीडी पंजीकरण
मंत्री राजेश धर्माणी ने लोगों की सुविधा के लिए शुरू की गई क्यूआर कोड आधारित ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण सुविधा का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कहा कि क्यूआर कोड को सभी ग्राम पंचायतों में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन कर सीधे ऑनलाइन ओपीडी के लिए पंजीकरण कर सकें।
इस सुविधा से मरीजों को अस्पताल पहुंचने के बाद पर्ची बनवाने के लिए कतार में लगने से राहत मिलेगी और अस्पताल में मरीजों की भीड़ को व्यवस्थित करने में भी मदद मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, सुविधाजनक और मरीज-केंद्रित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को मरीजों की सुविधा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सदर विधायक त्रिलोक जमवाल, उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए.के. सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग, जल शक्ति विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।