चण्डीगढ़, 31.07.26- : हिंदी साहित्य परिषद, हिंदी-विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय द्वारा महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती के पावन अवसर पर आज 31 जुलाई को एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रतिष्ठित गांधी भवन सभागार में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘प्रेमचंद : साहित्य, समाज और समकालीन भारत' रहा, जिसके माध्यम से समकालीन भारतीय समाज, बदलती सामाजिक परिस्थितियों, आधुनिक सरोकारों और साहित्य के परिप्रेक्ष्य में प्रेमचंद की कालजयी रचनाओं तथा उनके प्रगतिशील विचारों की प्रासंगिकता पर गहन और अर्थपूर्ण विचार-विमर्श किया गया।
इस विशेष समारोह में विषय-विशेषज्ञ और मुख्य वक्ता के रूप में देश के दो मूर्धन्य विद्वान-राजकीय कन्या महाविद्यालय, लुधियाना के हिंदी-विभाग के सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. राकेश कुमार तथा हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला स्थित दीन दयाल उपाध्याय अध्ययन केंद्र के निदेशक प्रोफ़ेसर इंदर सिंह ठाकुर-उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने सारगर्भित व्याख्यान के माध्यम से प्रेमचंद के साहित्य में निहित सामाजिक चेतना, यथार्थवाद तथा आधुनिक भारत के निर्माण में उनकी प्रासंगिकता पर अपने ओजस्वी विचार व्यक्त किए। समारोह के दौरान 30 जुलाई को आयोजित निबंध प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों- अचिता (प्रथम स्थान), रीमा (द्वितीय स्थान) तथा निखिल/नारायण सिंह भदौरिया (तृतीय स्थान) को भी मंच पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में हिंदी-विभाग तथा हिंदी साहित्य परिषद के समस्त संकाय सदस्य, शोधार्थी, विद्यार्थी, साहित्य-प्रेमी और प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और चर्चा को समृद्ध बनाया। यह आयोजन न केवल मुंशी प्रेमचंद के महान साहित्यिक योगदान को याद करने का एक सार्थक प्रयास सिद्ध हुआ, बल्कि उनके विचारों के आलोक में आज के भारतीय समाज की चुनौतियों पर एक संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम भी बना, जिससे उपस्थित युवाओं को प्रेमचंद के विचारों को गहराई से समझने का अवसर प्राप्त हुआ।