शिमला:25.07.26-आज दिनांक 25 जुलाई, 2026 को स्थानीय निधि लेखा समिति की बैठक हिमाचल प्रदेश विधान सभा के मुख्य समिति कक्ष में समिति के सभापति संजय रत्न की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस बैठक में समिति सदस्यों डॉ हंस राज, सतपाल सिंह सत्ती, इन्द्र दत्त लखनपाल, राकेश जम्वाल, कुलदीप सिंह राठौर व विवेक शर्मा (विक्कू) ने भाग लिया। बैठक के दौरान सचिव (शिक्षा) व सचिव (आवास) का मौखिक परीक्षण किया गया।

समिति की दिसम्बर, 2024 को उपायुक्त, जिला शिमला के कार्यालय में आयोजित अध्ययन बैठक के दौरान राजकीय महाविद्यालय ठियोग के प्रधानाचार्य द्वारा समिति के ध्यान में लाया गया कि भारत सरकार द्वारा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना के अन्तर्गत स्वीकृत व वित्त पोषित अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति छात्रावास भवन का निर्माण में निम्न गुणवत्ता का निर्माण कार्य किया गया है और जिस कारण भवन में दरारें आ गई हैं । जिस पर समिति ने इसका संज्ञान लिया और अपने अगले प्रवास के दौरान इस भवन का मौके पर जाकर निरीक्षण किया।

इस भवन के निर्माण का कार्य सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा दिनांक 23 मार्च, 2009 को हिमूडा को सौंपा गया व दिनांक 23 मई, 2011 को 271.37 लाख रूपय की प्रशासनिक अनुमोदन व व्यय स्वीकृति (AA&ES) ‍प्रदान की गई। दिनांक 10 दिसम्बर, 2012 को इस भवन के निर्माण का कार्य श्री गिरीश गुप्ता, ठेकेदार को आबंटित किया गया। भवन का उद्घाटन दिनांक 10 अक्तूबर, 2017 को तत्कालीन मुख्यमंत्री महोदय द्वारा कर दिया गया था परन्तु भवन को 22 नवम्बर, 2018 को राजकीय महाविद्यालय ठियोग के सुपुर्द किया गया। प्रधानाचार्य द्वारा दिनांक 18.04.2019 को हिमूडा को सूचित किया कि नवनिर्मित भवन में दरारें आ गई जिसका तुरन्त निरीक्षण कर उपचारात्मक कार्रवाई करे।

समिति ने बैठक के दौरान निर्माण कार्य में पाई गई संरचनात्मक कमियों, निर्माण की निम्न गुणवत्ता तथा भवन की सुरक्षा से सम्बन्धित गम्भीर मुद्दों की संवीक्षा की व विभागीय सचिवों से इस सम्बन्ध में स्पष्टीकरण लिया। समिति ने संबंधित विभागों एवं अधिकारियों का पक्ष विस्तार से सुना तथा निम्नलिखित निर्णय एवं निर्देश दिए:-

1. छात्रावास का निर्माण

समिति ने निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग एक माह के भीतर छात्रावास भवन के निर्माण हेतु भूमि को चयनित कर हिमुडा को सपुर्द(Handover) करे और हिमुडा, राजकीय महाविद्यालय ठियोग के परिसर में 104 विद्यार्थियों की क्षमता वाले नए छात्रावास भवन का निर्माण अपने स्वयं के संसाधनों से एक वर्ष के भीतर करना सुनिश्चित करें।

2. संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई

समिति ने निर्देश दिए कि संबंधित ठेकेदार की जमानत राशि (Security Money) जब्त (Forfeit) की जाए तथा उसे दो वर्ष की अवधि के लिए हिमाचल प्रदेश में किसी भी सरकारी निर्माण कार्य में भाग लेने से प्रतिबंधित (Debar/Blacklist) किया जाए।

3. विभागीय एवं सतर्कता जांच

समिति ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल विभागीय जांच प्रारंभ की जाए तथा सतर्कता (Vigilance) जांच को भी अंतिम निष्कर्ष तक पहुचायां जाना सुनिश्चित किया जाए।