स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य में न डालें बाधा
नादौन के सहायक अभियंता ने उपभोक्ताओं से की विशेष अपील

हमीरपुर 24 अप्रैल। विद्युत उपमंडल नादौन के सहायक अभियंता अक्षय कुमार ने बताया कि भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत बिजली के सभी पुराने मीटरों की जगह स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और ये मीटर लगवाने के लिए उपभोक्ताओं पर कोई भी अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं डाला जा रहा है।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (मीटरों की स्थापना एवं संचालन) संशोधन विनियम-2026 के अनुसार सभी उपभोक्ताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर स्मार्ट मीटर उपलब्ध करवाना अनिवार्य किया गया है। विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 163 (1) के अंतर्गत लाइसेंसी अथवा उसके अधिकृत प्रतिनिधि को उचित सूचना देकर किसी भी परिसर में प्रवेश कर मीटर की जांच, मरम्मत अथवा प्रतिस्थापन करने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि धारा 163 (3) के अनुसार यदि कोई उपभोक्ता अधिकृत अधिकारी को परिसर में प्रवेश या कार्य करने से रोकता है तो लिखित सूचना के 24 घंटे के पश्चात विद्युत आपूर्ति को अस्थायी रूप से विच्छेदित किया जा सकता है।
सहायक अभियंता ने बताया कि नादौन में मीटर बदलने का कार्य सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद अधिकृत एजेंसी मैसर्स अप्रावा हमीरपुर स्मार्ट मीटर प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। इसके बावजूद कुछ उपभोक्ता अधिकृत कर्मचारियों या एजेंसी को पुराने मीटर बदलने के लिए अपने परिसरों में प्रवेश की अनुमति नहीं दे रहे हैं जोकि नियमों के विरुद्ध है।
सहायक अभियंता ने यह भी स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद वर्तमान पोस्टपेड उपभोक्ताओं की विद्युत दरों या सब्सिडी में कोई भी परिवर्तन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मीटर सामान्यतः लाइसेंसी की संपत्ति होते हैं और उनका प्रतिस्थापन एक नियमित तकनीकी प्रक्रिया है।
उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे अधिकृत अधिकारियों, कर्मचारियों और एजेंसी को सहयोग प्रदान करें तथा उन्हें स्मार्ट मीटर लगाने की अनुमति दें, ताकि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, कुशल एवं विश्वसनीय बनाया जा सके।
सहायक अभियंता ने कहा कि इस आग्रह के बाद भी अगर कोई उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में बाधा डालता है तो उसके खिलाफ विद्युत अधिनियम-2003 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसमें विद्युत आपूर्ति का विच्छेदन भी शामिल है।

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खण्ड विकास अधिकारियों के साथ विकास कार्यों के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक आयोजित

उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने खण्ड विकास अधिकारियों को लम्बित विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। मनमोहन शर्मा आज यहां खण्ड विकास अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मनमोहन शर्मा ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ज़िला के समस्त गांव को खुले में शौच मुक्त (ओ.डी.एफ.) मॉडल बनाने का लक्षय निर्धारित किया गया है। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में कूड़ा पृथक्कीकरण के लिए शेड के निर्माण के साथ-साथ सोखता गढ्ढ़ो का निर्माण करवाना भी सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर हिमईरा की दुकानों के निर्माण के लिए आवश्यक कार्यवाही अमल में लाएं ताकि स्वयं सहायता समूहों को स्वरोज़गार के अवसर प्रदान हो सके। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ज़िला में गठित स्वंय सहायता समूहों के उत्पादों को हिमईरा की दुकानों में विक्रय करने के अतिरिक्त होटलों व सार्वजनिक स्थलों पर भी विक्रय करने की सम्भावनाएं तलाशनी होंगी।
मनमोहन शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास व मुख्यमंत्री आवास योजना के लम्बित आवासों की जियो टैगिंग करवाना सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन विकास कार्यों का कार्य पूर्ण हो चुका है उन्हें सम्बन्धित योजना के पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित बनाएं।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सोलन राहुल जैन, समस्त खण्ड विकास अधिकारी सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।