ऊना, 5 अप्रैल. ऊना जिले में जल शक्ति विभाग की विकासात्मक योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने अधिकारियों को निर्माणाधीन परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को समयबद्ध रूप से पेयजल और सिंचाई सुविधाओं का लाभ मिल सके।
उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में लगभग 1000 करोड़ रुपये की पेयजल और सिंचाई परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इनमें करीब 550-600 करोड़ रुपये के पेयजल तथा 350-400 करोड़ रुपये के सिंचाई कार्य शामिल हैं।
उपमुख्यमंत्री ने लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने और आवश्यक प्रस्ताव समय पर तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने भभौर साहिब से पोलियां बीत तक 175 करोड़ रुपये की नई पेयजल योजना को भी तेजी से आगे बढ़ाने को कहा।
उन्होंने बताया कि मार्च 2026 तक जिले में 233 पेयजल योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 54 योजनाओं पर कार्य जारी है। इसके अलावा 595 सिंचाई योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं, जिससे 18,796 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा प्राप्त हुई है, जबकि 67 योजनाएं निर्माणाधीन हैं।
श्री अग्निहोत्री ने बताया कि जिले में अब तक 3,266 हैंडपंप स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त 7 मल निकासी (सीवरेज) योजनाएं भी प्रगति पर हैं।
एडीबी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि 19 योजनाओं में से 7 पूरी हो चुकी हैं और शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने 22.74 करोड़ रुपये की लागत से बन रही संतोषगढ़ सीवरेज योजना के शेष कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके।
जल प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 600 ट्यूबवेल संचालित हैं। जिन ट्यूबवेलों की मरम्मत या पुनर्निर्माण आवश्यक है, उनके लिए समेकित डीपीआर तैयार कर रिमॉडलिंग की जाएगी।
साथ ही, सभी ट्यूबवेलों को नवीन क्रम संख्या (री-नंबरिंग) देकर विधानसभा-वार अद्यतन डाटा तैयार किया जा रहा है, ताकि वर्तमान जरूरतों के अनुरूप उनका वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।
इस अवसर पर प्रमुख अभियंता जल शक्ति अंजू शर्मा, प्रमुख अभियंता परियोजना धर्मेंद्र गिल, चीफ इंजीनियर रोहित दुबे, अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान और जल शक्ति वृत ऊना के सभी अभियंता के साथ साथ अन्य उपस्थित रहे।