विशेष गिरदावरी करवाकर ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल का 50 हजार रूपए प्रति एकड़ मुआवाजा तुरंत किसानों को दे सरकारः चैधरी अभय सिंह चैटाला

सरकार की बेरूखी के कारण प्रदेश का किसान लगातार घाटे में चल रहा है जिससे कर्ज का बोझ बहुत बढ़ गया है

हाल ही में हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट भी सामने आई है जिसमें साफ कहा गया है कि कपास की खेती करने वाले किसान 15 हजार रूपए प्रति एकड़ घाटे में हैं

चंडीगढ़, 1 अप्रैल। इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चैधरी अभय सिंह चैटाला ने मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में हुई ओलावृष्टि के कारण खराब हुई फसल पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि इससे किसानों की फसल को बहुत नुकसान पहुंचा है। गैर मौसमी प्राकृतिक आपदा के कारण कई किसानों की फसल तो पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। बड़े दुख की बात है कि प्रदेश का किसान लगातार प्राकृतिक आपदा का शिकार हो रहा है और भाजपा सरकार के किसान विरोधी रवैये के कारण बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है। पिछले साल हुई बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि के कारण भी खेतों में पानी भर गया था जो कई जगह आज भी खेतों में खड़ा है और सरकार ने उन खेतों में पानी की निकासी के लिए कुछ नहीं किया। जिसके कारण किसान अपनी अगली फसल की बुआई तक नहीं कर पा रहा है। इससे बड़ी विडंबना और क्या होगी कि अभी तक उन किसानों को सरकार ने मुआवजा तक नहीं दिया है। किसान पहले से ही कर्ज के बोझ के तले दबा हुआ है और अब फसल बर्बाद होने से पूरी तरह टूट गया है। लगातार बढ़ रहे कर्ज के कारण कई किसान आत्महत्या करने जैसा कदम उठा लेते हैं जो बेहद पीड़ादायक है। हाल ही में हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट भी सामने आई है जिसमें साफ कहा गया है कि कपास की खेती करने वाले किसान 15 हजार रूपए प्रति एकड़ घाटे में हैं। हमारी मांग है कि भाजपा सरकार किसानों के प्रति अपनी नफरत को दरकिनार करे और पिछले मुआवजे समेत अब बर्बाद हुई फसलों की विशेष गिरदावरी करवाकर कम से कम 50 हजार रूपए प्रति एकड़ मुआवजा तुरंत किसानों को देकर राहत प्रदान करे।