विश्व क्षयरोग दिवस पर “100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0” का शुभारंभ
बिलासपुर, 24 मार्च: उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने आज विश्व क्षयरोग दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय “100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर से टीबी जागरूकता रैली एवं चिन्हित क्षय रोगी वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस मौके पर उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि क्षयरोग (टीबी) उन्मूलन के लिए जनभागीदारी, समय पर जांच एवं नियमित उपचार अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में टीबी से ग्रसित व्यक्ति, टीबी मरीजों के पारिवारिक संपर्क, 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग, बीएमआई 18.5 से कम वाले व्यक्ति, धूम्रपान करने वाले, मधुमेह रोगी, उच्च जोखिम वाले गांवों के निवासी (जिले में 263 गांव चिन्हित), भीड़भाड़ वाले स्थानों में रहने वाले, कार्यस्थल पर जोखिम वाले व्यक्ति तथा शराब सेवन करने वाले एवं अन्य संवेदनशील समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी।
यही नहीं इस अभियान के तहत जिला में कुल 1,79,016 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके आधार पर लगभग 537 संभावित टीबी मामलों की पहचान तथा 3,580 टीपीटी (टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट) मामलों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने जिला के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें तथा टीबी मुक्त बिलासपुर के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग दें।
इस दौरान जीएनएम स्कूल की छात्राओं एवं प्रशिक्षण स्टाफ ने रैली के माध्यम से आमजन को टीबी के लक्षण, जांच एवं निःशुल्क उपचार के बारे में जागरूक किया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनंत चैहान सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय आजीविका कार्यशाला सम्पन्न
दयोली स्थित अपना घर वृद्धाश्रम में संपन्न हुई कार्यशाला, उपायुक्त बिलासपुर ने की बतौर मुख्यातिथि शिरकत
बिलासपुर, 24 मार्च: जिला बिलासपुर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय आजीविका कार्यशाला दयोली स्थित अपना घर वृद्धाश्रम में संपन्न हुई। समापन कार्यक्रम में उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
इस अपर बोलते हुए उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय कार्य योजना वरिष्ठ नागरिकों के अंतर्गत पिछले तीन माह से जिला बिलासपुर में विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में आजीविका कार्यशालाएं, साइबर फ्रॉड जागरूकता, अंतर-पीढ़ी समन्वय (इंटरजेनरेशनल बॉन्डिंग), डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य शिविर, डिमेंशिया जांच तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए अन्य जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में वरिष्ठ नागरिकों का अनुभव अमूल्य धरोहर है और हमें उनका सम्मान एवं उचित देखभाल सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने जिला कल्याण अधिकारी द्वारा जिले में वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों के लिए किए जा रहे नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न आयोजनों, विशेषकर नलवाड़ी मेले में “दिव्य ज्योति” के अंतर्गत निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध करवाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया गया है।
उन्होंने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा जिला प्रशासन एवं जियो के सहयोग से अंतर-पीढ़ी समन्वय कार्यक्रम के तहत वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांग बच्चों के लिए दो दिवसीय एक्सपोजर विजिट का भी आयोजन किया गया। जिसमें प्रतिभागियों ने वाघा बॉर्डर, स्वर्ण मंदिर अमृतसर, जलियांवाला बाग तथा राधा स्वामी सत्संग ब्यास का भ्रमण किया। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा जिला स्तर पर वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों के लिए खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया और विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
उन्होंने कहा कि 23 मार्च को जिला कल्याण अधिकारी, बिलासपुर द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए नलवाड़ी मेला बिलासपुर का एक्सपोजर विजिट भी आयोजित किया गया, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों को स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों के स्टॉलों का अवलोकन करने का अवसर मिला। उन्होंने मेले में विभिन्न व्यंजनों का आनंद लिया तथा “कहलूर दर्शन” प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया, जिससे उन्हें स्थानीय संस्कृति एवं आजीविका गतिविधियों की जानकारी प्राप्त हुई।
उपायुक्त ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल ने बताया कि इस सात दिवसीय कार्यशाला के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को जूट बैग निर्माण, मोमबत्ती निर्माण, पेपर बैग निर्माण तथा साबुन बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। वरिष्ठ नागरिकों की मांग पर उपायुक्त ने उन्हें मशीनरी एवं कच्चा माल उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया तथा सीएसआर के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करने की भी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम के दौरान वृद्धाश्रम एवं स्थानीय क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों द्वारा तीन स्वयं सहायता समूहों का गठन भी किया गया, जो भविष्य में आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे। विभाग एवं जिला प्रशासन समाज के इन कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने हेतु निरंतर प्रयासरत हैं और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

इस अवसर पर तहसील कल्याण अधिकारी सदर कमल कांत शर्मा, मानव सेवा ट्रस्ट से प्रकाश बंसल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एनआरएलएम देशराज, सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।