• मंडी, 02 जनवरी। नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज, नेरचौक के सभागार में आयोजित डीएवी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, डडौर के वार्षिक समारोह में बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। उन्होंने मेधावी छात्रों को पुरस्कार बांटे और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छात्र जीवन व्यक्तित्व विकास की पहली सीढ़ी होती है। छात्रों को इस समय का सदुपयोग करते हुए शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ अनुशासन में रहते हुए चरित्र निर्माण पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र एक लक्ष्य तय कर उसे हासिल करने में कड़ी मेहनत एवं लगन के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने शिक्षा सहित विविध क्षेत्रों में डीएवी स्कूल, डडौर के छात्रों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि डीएवी संस्था शिक्षा के क्षेत्र में अपना बहुमूल्य योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि आज का युवा ही कल का भविष्य होता है और यहां से निकले छात्र एक जिम्मेवार नागरिक के रूप में देश व प्रदेश की सेवा करेंगे।

राजेश धर्माणी ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार बच्चों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके दृष्टिगत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किया जा रहा है। स्कूली शिक्षा को नए आयाम प्रदान करते हुए प्रदेश में लगभग 120 राजकीय पाठशालाओं को सीबीएसई से संबद्ध करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए शिक्षकों का एक अलग कैडर बनाया जा रहा है। सरकार का प्रयास गुणात्मक शिक्षा के साथ-साथ छात्रों का सर्वांगीण विकास करना भी है। इसी के दृष्टिगत खेलकूद, संगीत, शारीरिक शिक्षा इत्यादि पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में भी कई पहल की गई हैं और युवाओं को आधुनिक प्रौद्योगिकी से जोड़ने एवं इसमें पारंगत करने के लिए नए पाठ्यक्रम इसमें जोड़े गए हैं।

इससे पहले मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में कृषि उपज मंडी समिति के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।

एआरओ हिमाचल जोन कुलदीप गुलेरिया ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान में हिमाचल में 70 डीएवी स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। इनमें बच्चों को स्कूली शिक्षा के साथ-साथ संस्कारयुक्त शिक्षा भी प्रदान की जा रही है, ताकि राष्ट्र निर्माण में उनकी ऊर्जा का सदुपयोग किया जा सके।

स्कूल के प्रिंसिपल प्रशांत शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और स्कूल की गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी।

समारोह में स्कूल के बच्चों ने देशभक्ति, पर्यावरण संरक्षण, नशा निवारण विषय पर तथा अन्य आकर्षक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

इस अवसर पर सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस धर्मचन्द चौधरी, एसएमसी सदस्य लोकेश कपूर, एसडीएम स्मृतिका नेगी सहित विभिन्न डीएवी स्कूलों के प्रधानाचार्य, बच्चों के अभिभावक तथा स्कूल के छात्र उपस्थित रहे।

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