औहर (बिलासपुर), 25 सितम्बर : नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज औहर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग बिलासपुर द्वारा तैयार किए गए तीन महत्वपूर्ण प्रकाशनों जिनमें ‘जिला बिलासपुर का सांख्यिकीय सारांश’, ‘विकास खंड सूचकांक’ तथा ‘बिलासपुर एक दृष्टि में’ शामिल है का विमोचन किया।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि इन प्रकाशनों में वर्ष 2025-26 के लिए जिले के विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं से प्राप्त सामाजिक, आर्थिक, आधारभूत संरचना तथा विकास से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़ों को एक स्थान पर संकलित एवं व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया गया है। इनमें वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, बागवानी विभाग, पशुपालन विभाग, उद्योग विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्व विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, नगर निकायों सहित अन्य संबंधित विभागों से प्राप्त आंकड़े शामिल हैं।
उन्होंने ने कहा कि विभिन्न विभागों से प्राप्त आंकड़ों के एकीकृत एवं व्यवस्थित संकलन से बिलासपुर जिले की सामाजिक, आर्थिक एवं विकासात्मक स्थिति की समग्र तस्वीर सामने आती है। इससे विभागवार आंकड़ों को एक ही स्थान पर संदर्भित करने, विभिन्न वर्षों के आंकड़ों की तुलना करने तथा जिले में समय के साथ हुई विकासात्मक प्रगति का तथ्यात्मक आकलन करने में भी सुविधा होगी।
राजेश धर्माणी ने कहा जिला सांख्यिकी कार्यालय का कार्य केवल आंकड़ों का संकलन करना ही नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों से प्राप्त आंकड़ों को व्यवस्थित, विश्लेषित एवं सांख्यिकीय रूप में प्रस्तुत कर उपयोगी सूचना में परिवर्तित करना भी है। साथ ही उपलब्ध प्रशासनिक आंकड़ों को योजना निर्माण, नीति निर्धारण, विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने तथा निर्णय प्रक्रिया के लिए अधिक उपयोगी बनाया जा सकता है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने प्रकाशनों की जिला स्तर पर विश्वसनीय, व्यवस्थित एवं उपयोगी आंकड़ों के महत्व को रेखांकित भी किया। विभिन्न विभागों से प्राप्त आंकड़ों को एकीकृत रूप में उपलब्ध करवाने से जिला स्तर पर डेटा आधारित योजना निर्माण एवं निर्णय प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इन प्रकाशनों को जिला बिलासपुर वेबसाइट पर भी उपलब्ध करवाया जा रहा है, ताकि सरकारी विभागों के साथ-साथ विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं एवं आम नागरिकों को जिले से संबंधित महत्वपूर्ण सांख्यिकीय जानकारी एक ही स्थान पर आसानी से उपलब्ध हो सके।
इस अवसर पर रिसर्च ऑफिसर, जिला सांख्यिकी कार्यालय, बिलासपुर ललित शर्मा ने तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी को इन प्रकाशनों की संरचना, आंकड़ों के स्रोत, संकलन प्रक्रिया तथा उपयोगिता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘जिला बिलासपुर का सांख्यिकीय सारांश’ में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित विस्तृत सांख्यिकीय जानकारी उपलब्ध करवाई गई है। ‘विकास खंड सूचकांक’ के माध्यम से विभिन्न विकास खंडों से संबंधित प्रमुख संकेतकों एवं उनकी तुलनात्मक स्थिति को समझने में सहायता मिलती है। वहीं ‘बिलासपुर एक दृष्टि में’ के माध्यम से जिले की प्रमुख सांख्यिकीय जानकारी को संक्षिप्त, सरल एवं सुगम रूप में प्रस्तुत किया गया है।
प्रकाशनों में उपलब्ध वर्षवार एवं क्षेत्रवार आंकड़े जिले की स्थिति में समय के साथ हुए बदलावों को समझने में भी महत्वपूर्ण हैं। इनके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति, आवश्यकताओं तथा उपलब्ध संसाधनों का तथ्यात्मक आधार पर आकलन किया जा सकता है। विश्वसनीय एवं अद्यतन जिला स्तरीय आंकड़े विकास योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के बेहतर उपयोग, योजनाओं की निगरानी तथा विकास की प्रगति के आकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।